आक्रोश. ओड़िशा में जा रहा पानी, भाखर सूखा
नहर के कारण पहाड़ों का पानी नहीं पहंुच रहा है खेत में
गुड़ाबांदा : गुड़ाबांदा प्रखंड के भाखर के पास सुवर्णरेखा परियोजना की दायीं मुख्य नहर होकर ओड़िशा में पानी जा रहा है. वहीं नहर से सटे भाखर गांव के किसान पानी से वंचित हैं. बारिश नहीं होने से सैकड़ों एकड़ खेत परती पड़े हैं. धान की खेती शुरू नहीं हुई है. बुधवार को किसानों ने नहर के पास प्रदर्शन किया. किसानों ने कहा कि पांच दिनों में नहर का पानी नहीं मिला, तो छठे दिन किसान नहर काटकर अपने खेत में पानी ले जायेंगे.
किसानों का कहना है कि यह नहर यहां के लिए अभिशाप बन गयी है. नहर का पानी तो मिल नहीं रहा है. नहर के कारण पास के पहाड़ों का पानी भी खेत तक नहीं पहुंच रहा है. नहर नहीं थी, तो जंगल पहाड़ का पानी खेतों तक आता था. नहर में कोई गेट भी नहीं है. प्रदर्शन में मुखिया वीणापानी मांडी, पंचायत समिति सदस्य पवन महतो, कृषक मित्र सुखदेव नायक, सुकुमार नायक, ठाकुर दास महतो, जगन्नाथ नायक, निरंजन नायक, सत्यनारायण नायक, खोका धिवर, तारा पद धिवर, महिला किसान सकुंतला नायक, अंबिका नायक, मीलावती नायक, मिलन नायक, बुलू नायक समेत दर्जनों किसान
उपस्थित थे.
चाकशोल के किसान भी आंदोलित
प्रखंड के चाकशोल, तरासपुर, सिंहपुरा, ज्वालकांटा आदि मौजा में भी किसानों को केनाल का पानी नहीं मिल रहा है. लगभग 1100 एकड़ खेत परती पड़े हैं. किसानों ने कहा है कि अगर नहर का पानी नहीं मिला तो किसान नहर को काट कर खेत तक पानी पहुंचायेंगे.
