भाजपा राज में पहली बार हत्यारोपी को पुलिस ने पीआर बांड पर छोड़ा, कानून का राज कहां है.
घाटशिला : पंद्रह दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद छात्र रामचंद्र गिरी हत्याकांड का पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है. दूसरी ओर पुलिस ने हत्यारोपी बेथनी छात्रावास के संचालक मसी दास मिंज और संचालिका सरिता मिंज को पीआर बांड पर छोड़ दिया. जबकि मृतक छात्र के पिता पंकज गिरी ने थाना में छात्रावास के संचालक और संचालिका के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत की थी. भाजपा के राज में पहली बार किसी हत्यारोपी को बीआर बांड पर पुलिस ने छोड़ा है.
श्री सोरेन ने कहा कि फिर पुलिस नक्सली आरोप में पकड़े गये लोगों, लकड़ी और बकरी चोर को भी पीआर बांड में छोड़े, फिर जांच के बाद दोषी हो तो जेल भेजे. उक्त बातें शनिवार को शनिवार को आकाशदीप होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूर्व विधायक सह झामुमो के जिलाध्यक्ष रामदास सोरेन ने कही. उन्होंने कहा कि पुलिस 13 जुलाई तक सामने लाये, नहीं तो जनता सड़क पर उतरेगी. श्री सोरेन ने कहा कि गालूडीह में संचालित एक निजी छात्रावास में भी विगत वर्ष एक छात्र की मौत हुई थी. उक्त मामले में छात्रावास के संचालक-शिक्षक जेल गये थे. परंतु मामले का खुलासा आज तक पुलिस नहीं कर पायी.
अवैध रूप से चल रहा था छात्रावास
14 जून 16 को रामचंद्र गिरी के नाम पर बेथनी छात्रावास ने 3800 रुपये का रसीद काटा गया था. उक्त रसीद में किसी का हस्ताक्षर नहीं है. इससे जाहिर है छात्रावास अवैध रूप से संचालित है. उन्होंने कहा बंद, जाम समेत अन्य आंदोलन करने पर पुलिस 353 लगाती है, फिर हत्यारोपी को कैसे छोड़ा गया. मौके पर झामुमो नेता सागेन पूर्ति, जगदीश भकत, काजल डॉन, शेख फारूक आदि उपस्थित थे.
