32 परिवारों को राशन कार्ड नहीं, पानी पर भी आफत

घाटशिला : घाटशिला प्रखंड की उत्तरी मऊभंडार पंचायत स्थित एनएच 33 किनारे वर्ष 1996-97 में तत्कालीन अनुमंडलाधिकारी एचएन राम ने 32 हरिजनों को 64 डिसमिल भूमि पर इंदिरा आवास बनवा कर बसाया था. इस कॉलोनी के बसने के 20 साल बाद भी हरिजनों की स्थिति दयनीय है. कॉलोनी में 52 परिवार किसी तरह गुजर बसर […]

घाटशिला : घाटशिला प्रखंड की उत्तरी मऊभंडार पंचायत स्थित एनएच 33 किनारे वर्ष 1996-97 में तत्कालीन अनुमंडलाधिकारी एचएन राम ने 32 हरिजनों को 64 डिसमिल भूमि पर इंदिरा आवास बनवा कर बसाया था. इस कॉलोनी के बसने के 20 साल बाद भी हरिजनों की स्थिति दयनीय है. कॉलोनी में 52 परिवार किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं. बीरबल करूआ, शारदा करूआ, चंपा करूआ, निमशा करूआ, सुकुरमनी करूआ, रूकया करूआ,

टुना करूआ, गायत्री करूआ, रेखा बाल्मिकी, पार्वती करूआ, बीना करूआ, माला करूआ, सीमा माला करूआ, सीमा करूआ, संतोषी मुखी, रंजनी करूआ, सेफाली करूआ ने बताया कि इस कॉलोनी में 52 परिवारों में अभी तक 20 परिवारों के नाम से राशन कार्ड बना है. 32 परिवारों को राशन कार्ड नहीं मिला है. राशन कार्ड के लिए कॉलोनी के पुरुष और महिलाएं मुखिया, जिला परिषद सदस्य और प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन राशन कार्ड बनाने की दिशा में सार्थक पहल नहीं हुई है.

इस कॉलोनी में तीन चापाकल और एक कुआं है. दो चापाकल खराब है. कॉलोनी के लोगों को पीने का पानी लाने के लिए लगभग दो किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है. गैस गोदाम के पास पानी लेकर घर आते हैं. सोमवार को मुखिया की पहल पर चापाकल की मरम्मत शुरू हुई.
चार लोगों के घर चिन्हित. कॉलोनी के चार लोगों का घर फोर लेन बनने के समय तोड़ा जायेगा. इससे चारों परिवार चिंतित हैं. गंगा करूआ, बीरबल करूआ, शारदा करूआ और चंपा करूआ के घर का सीमांकन कर नापी की गयी है. लेकिन अभी तक किसी भी परिवार को नोटिस नहीं मिला है.
फूलपाल स्थित हरिजन कॉलोनी का हाल
कॉलोनी में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं, बच्चे शिक्षा से वंचित
घाटशिला के एनएच 33 किनारे बसे हरिजन कॉलोनी में 52 परिवार रहते हैं, लेकिन इन परिवारों के बच्चों के लिए कॉलोनी में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है. कॉलोनी के लोग आंगनबाड़ी केंद्र की मांग वर्षों से कर रहे हैं. बस्ती की बीना करूआ, शजनी करूआ, सेफाली करूआ ने बताया कि कॉलोनी में 52 परिवारों में 70 बच्चे हैं, जो आंगनबाड़ी केंद्र नहीं जाते हैं. केंद्र कॉलोनी से दूर है. इस कॉलोनी में आंगनबाड़ी केंद्र और मिनी आंगनबाड़ी केंद्र खुलने से बच्चों की पढ़ाई हो सकेगी.

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