घाटशिला : बहरागोड़ा के चिराकुटी गांव में काकोली सरदार की हत्या मामले में घाटशिला के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए चैतन मुंडा को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना नहीं भरने पर छह माह अतिरिक्त जेल होगी. बचाव पक्ष के अधिवक्ता तपेश चंद्र दास और मुनमुन दास थे. एपीपी डी मंडल थे. इस संबंध में बहरागोड़ा थाना में बदली सरदार के बयान पर कांड संख्या 90/12, दिनांक 28 अक्तूबर 2012, भादवि की धारा 302 के तहत चैतन मुंडा के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई थी.
इसके मुताबिक काकोली सरदार की शादी आठ साल पूर्व केरूकोचा के खगेन नायक के साथ हुई थी. शादी के चार/पांच साल बाद काकोली ने पुत्री को जन्म दिया. खगेन चिराकुटी में काम करता था. एक साल पूर्व चैतन मुंडा काकोली को लेकर भाग गया. दो तीन माह उसके साथ रहा और उसे लेकर चिराकुटी पहुंचा. सूचना मिली कि काकोली की हत्या हो गयी है. चैतन मुंडा ने बदली सरदार को बताया कि जलने से उसकी मौत हो गयी है.
वह इस सूचना के बाद काकोली के घर पहुंची, तो देखा कि काकोली जली पड़ी है. प्राथमिकी में संभावना व्यक्त की गयी है कि उसकी चैतन मुंडा ने शरीर पर केरोसिन छिड़ कर हत्या कर दी है. इसी मामले में कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनायी.
