राज्य में गुलाब खेती की है असीम संभावना

गालूडीह : दारीसाई कृषि विज्ञान केंद्र सभागार में सोमवार से पौष्टिक फल एवं सब्जियों के टिकाऊ उत्पादन पर पांच दिवसीय माली प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ. शिविर के प्रायोजक जिला उद्यान विभाग और आयोजक कृषि विज्ञान केंद्र हैं. शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला उद्यान पदाधिकारी विजय कुजूर और विशिष्ठ अतिथि केबीके की कार्यक्रम समन्वयक डॉ […]

गालूडीह : दारीसाई कृषि विज्ञान केंद्र सभागार में सोमवार से पौष्टिक फल एवं सब्जियों के टिकाऊ उत्पादन पर पांच दिवसीय माली प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ. शिविर के प्रायोजक जिला उद्यान विभाग और आयोजक कृषि विज्ञान केंद्र हैं.

शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला उद्यान पदाधिकारी विजय कुजूर और विशिष्ठ अतिथि केबीके की कार्यक्रम समन्वयक डॉ आरती वीणा एक्का ने किया. मौके पर विजय कुजूर ने कहा कि झारखंड में गुलाब, गेंदा आदि फूलों की खेती की असीम संभावनाएं हैं.

गुलाब फूल की मांग बड़े शहरों में अधिक है. किसान फूलों की खेती करेंगे, तो आर्थिक रूप मजबूत होंगे. अभी बंगाल से फूल झारखंड आते हैं. आप बेहतर खेती करेंगे तो फूल बेच कर अधिक पैसा कमा सकते हैं. डॉ एक्का ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर किसान खेतों में इसका प्रयोग करेंगे. नर्सरी बनाकर बागवानी करें. प्रशिक्षण का लाभ उठा कर आर्थिक रूप से आगे बढ़ें. शिविर का समापन 13 मई को होगा. पांच दिनों तक किसानों को फूल, सब्जी, फल, बागवानी, कलम करने, गुटी बांधने समेत कई तरह की तकनीकी जानकारियां दी जायेगी. शिविर में किसानों को कृषि वैज्ञानिक डॉ एक्का, डॉ लीली, मो नसीम, डॉ वर्णवाल, भूषण प्रसाद प्रशिक्षण दे रहे हैं. शिविर में घाटशिला, धालभूमगढ़, बहरागोड़ा, मुसाबनी, गुड़ाबांदा, पटमदा, बड़ाम, जमशेदपुर प्रखंड के किसानों में भाग लिया है.

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