बांग्ला स्कूल में हिंदी भाषा में हो रही पढ़ाई

गालूडीह : घाटशिला प्रखंड के गालूडीह महुलिया बांग्ला मध्य विद्यालय का अस्तित्व सरकारी उपेक्षा से मिट रहा है. 1879 में स्थापित सबसे पुराने बांग्ला को लेकर बांग्लाभाषी चिंतित और आक्रोशित हैं.बांग्ला भाषियों में इस स्कूल की रक्षा के लिए आवाज उठनी शुरू हो गयी है. इस बांग्ला माध्यम के स्कूल में कभी 400 से अधिक […]

गालूडीह : घाटशिला प्रखंड के गालूडीह महुलिया बांग्ला मध्य विद्यालय का अस्तित्व सरकारी उपेक्षा से मिट रहा है. 1879 में स्थापित सबसे पुराने बांग्ला को लेकर बांग्लाभाषी चिंतित और आक्रोशित हैं.बांग्ला भाषियों में इस स्कूल की रक्षा के लिए आवाज उठनी शुरू हो गयी है.

इस बांग्ला माध्यम के स्कूल में कभी 400 से अधिक बच्चे पढ़ते थे.आज मात्र 127 बच्चे हैं. बच्चों की संख्या लगातार घट रही है. कारण है बांग्ला माध्यम की पुस्तकों की छपाई बंद होनी और बांग्ला शिक्षकों का नहीं होना. नाम बांग्ला स्कूल हैं, पर सभी विषयों की पढ़ाई हिंदी में हो रही है. इससे बांग्ला का अस्तित्व मिट रहा है.
इस स्कूल की एचएम भारती सरकार कहती हैं कि यहां आठवीं तक पढ़ाई होती है. एक से पांचवीं तक 50 और कक्षा छह से आठवीं तक 77 बच्चे हैं. बांग्ला पुस्तक नहीं होने से सभी विषयों की पढ़ाई हिंदी में हो रही है. इसके कारण बच्चों की संख्या घट रही है.
127 बच्चे, छह शिक्षक
इस स्कूल में प्रथम से आठवीं कक्षा तक 127 बच्चे हैं, जबकि शिक्षक छह हैं. प्रभारी एचएम भारती सरकार, शिक्षक अमलेंदु महतो, तपन रजक, दीपक राउव, माधुरी कुमारी और प्रियतमा मंडल कार्यरत हैं.

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