शिव की आराधना में नहीं हुआ जरा भी दर्द
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा के गधा, बहुलिया एवं सालझाटिया भुतेश्वर शिव मंदिर में मंगलवार को गाजन पर्व कमेटी ने गाजन पर्व मनाया. इसे लेकर सुबह से मंदिर प्रांगण में भक्तों की भीड़ पड़ी. दोपहर को बंगाल के मदनशोल गांव स्थित तालाब में भक्तों ने स्नान के बाद पूजा अर्चना की. यहां से अपनी जीभ में छड़ घोंप कर भगवान शिव के प्रति आस्था दिखाते हुए मंदिर के लिए निकले. महिलाएं अपने हाथों में झाड़ू लेकर तालाब से भुतेश्वर मंदिर तक सड़क की सफाई कर रहीं थीं.
भक्त मंदिर पहुंचे और परिक्रमा की. इसके बाद भक्तों ने अपनी जीभ से कील निकाला. कमेटी की ओर से रात भर छऊ नृत्य व संस्कृतिक कार्यक्रम किया गया. देर रात तक भक्तों ने गोरिया भार तालाब से लाया. गोरिया भार का जल सेवन करने के लिए भक्तों व ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी. भक्त मिहिर दुली (मालकुंदा) 8 एमएम का 25 फीट छड़, भीम दली (पाटपुर) 6 एमएम का 20 फीट का छड़, कदल बेहरा (पाटपुर) 6 एमएम का 20 फीट का छड़, गोपाल धाउडि़या (साकरा) 8 एमएम के 10 फीट का छड़ समेत अन्य भक्त अपनी जीभ में घोंप कर मंदिर प्रांगण तक पहुंचे.
दूसरी ओ्र झारखंड, ओड़िशा और बंगाल से सटे बहरागोड़ा के चित्रेश्वर धाम में मंगलवार को गाजन पर्व कमेटी ने गाजन पर्व मनाया. इसके तहत भक्तों ने नदी में स्नान करने के बाद पूजा की. उसके बाद अपनी जीभ में त्रिशूल घोंप कर गाजे बाजे के साथ नृत्य करते हुए मंदिर पहुंचे. ग्रामीणों ने पूजा अर्चना कर उनका स्वागत किया.
भक्त मंदिर पहुंचे और परिक्रमा की. इसके बाद भक्तों ने अपनी जीभ से त्रिशूल निकाला. रात के 12 बजे भक्तों की ओर से नदी से गोरिया भार लाकर मंदिर प्रांगण तक पहुंचाया गया. गोरिया भार का पानी सेवन करने के लिए तीनों राज्यों के भक्त की भीड़ उमड़ी. जल सेवन करने के बाद भोक्ताओं ने अपना उपवास तोड़ा.
झामुमो ने शरबत व प्रसाद बांटे
सुबह में विधायक कुणाल षाड़ंगी भी मंदिर पहुंचे और पूजा की. शाम को झामुमो कार्यकर्ताओं ने गाजन पर्व के अवसर पर ग्रामीण एवं भक्तों के बीच प्रसाद व शरबत वितरण किया. मौके पर विश्वजीत सतपती, प्रियलाल लेंका, विजय साव, समू लेंका, शुभेंदु घोष, शिव शंकर लेंका, बिमल श्यामल, आबुल नायक आदि उपस्थित थे.
