घाटशिला : माटीगाड़ा के वंदना भद्रो हत्याकांड में घाटशिला के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत ने बुधवार को पति असित भद्रो, देवर असीम भद्रो और सत्यनारायण भद्रो को भादवि की धारा 302, 201 और 34 के तहत दोषी करार दिया.
तीनों के सजा की बिंदु पर सुनवाई 12 अप्रैल को होगी. बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिर्वाण सरकार, जबकि एपीपी बीजी महंती हैं.
इस संबंध में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक वंदना की शादी वर्ष 2001 में कुलडीहा के असित भद्र के साथ हुई थी. शादी के बाद सुसराल में पति शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था. बात-बात पर उसकी पिटाई करते थे. 28 अप्रैल 2007 को घर में वंदना फंदे से लटकी मिली थी.
प्राथमिकी में कहा गया है कि पति, ससुर और देवर ने मिल कर वंदना की हत्या कर दी.
वहीं साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से उसे घर में टांग दिया. इस संबंध में वंदना के पिता नंटू ओझा के बयान पर थाना में कांड संख्या 45/07, दिनांक 28 जून 2007, भादवि की धारा 302, 201 और 34 के तहत पति असित भद्रो, पिता सत्य नारायण भद्रो और भाई असीम भद्रो के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई थी.
