महुलिया प्रावि में बांग्ला माध्यम बंद

गालूडीह : गालूडीह के महुलिया बालिका प्रावि से बांग्ला विषय गायब हो गये हैं. कभी इस स्कूल में हिंदी और बांग्ला दोनों माध्यम की पढ़ाई होती थी, परंतु आज स्थिति उलट है. यहां अब सिर्फ हिंदी माध्यम की पढ़ाई होती है. बांग्ला माध्यम में पढ़ाई बंद हो चुकी है. इस स्कूल में वर्ष 2010 में […]

गालूडीह : गालूडीह के महुलिया बालिका प्रावि से बांग्ला विषय गायब हो गये हैं. कभी इस स्कूल में हिंदी और बांग्ला दोनों माध्यम की पढ़ाई होती थी, परंतु आज स्थिति उलट है. यहां अब सिर्फ हिंदी माध्यम की पढ़ाई होती है. बांग्ला माध्यम में पढ़ाई बंद हो चुकी है. इस स्कूल में वर्ष 2010 में बांग्ला माध्यम में 18 विद्यार्थी थे. आज एक भी नहीं है. वर्तमान में इस स्कूल में 46 बच्चे हैं. यहां प्रथम से पांचवीं तक की पढ़ाई होती है. सोमवार को स्कूल में 32 बच्चे उपस्थित थे.
इस स्कूल में प्रभारी एचएम चायना सरकार और एक पारा शिक्षक अजय सिंह कार्यरत हैं. एक सरकारी शिक्षिका सेफाली हेरेंज वर्ष 2004 से ही कोकपाड़ा हाई स्कूल में प्रतिनियुक्ति पर हैं. चायना सरकार ने बताया कि वर्ष 2010 में इस स्कूल में 62 बच्चे थे. इसमें हिंदी माध्यम के 42 और बांग्ला माध्यम के 18 थे. आज स्थित अलग है. बांग्ला पुस्तक नहीं होने से बांग्ला की पढ़ाई बंद हो गयी. अभिभावक भी अब बच्चों को हिंदी माध्यम से पढ़ाने पर जोर देते हैं. विडंबना यह है कि उक्त स्कूल जहां स्थित है वह क्षेत्र बंगाली पाड़ा के नाम से जाना जाता है, पर दुर्भाग्य जनक है इस स्कूल में बांग्ला माध्यम की पढ़ाई बंद होना, आवाज तक नहीं उठी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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