गालूडीह : गालूडीह प्राचीन रंकिनी मंदिर परिसर में शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किये गये. मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी. सुबह में गाजे-बाजे और कीर्तन मंडली के साथ प्रभात फेरी निकाली गयी.
मंदिर में नाम संकीर्तन आयोजित हुआ. तीस नये भक्तों ने मंदिर के मुख्य पुजारी सह संन्यासी विनय दास बाबाजी सेदीक्षा ग्रहण की. बाबाजी के करीब एक हजार से अधिक भक्त हो गये. दीक्षा के बाद गुरु पुष्पाजंलि का कार्यक्रम हुआ. दोपहर से शाम तक खिचड़ी का महाप्रसाद भक्तों के बीच वितरण किया गया. अनेकों पुरुष और महिला भक्तों ने मंदिर परिसर में बैठ कर महाप्रसाद ग्रहण किया.
बाबाजी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर प्रति वर्ष समारोह आयोजित होता है. मौके पर नये भक्तों को दीक्षा दी जाती है. कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर के सह पुजारी ब्रजेंद्र घोषाल, सुमीत सरकार, दिलीप साधनदार, हेमंत सिंह, पूर्ण चंद्र, संजय अग्रवाल आदि भक्तों ने अहम भूमिका निभायी. बाबाजी सफेद धोती और गले में माला पहन कर बैठे थे. भक्त उनके पांव छू कर आशीर्वाद लिया और दक्षिणा दी. बाबाजी के सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया.
चाकुलिया : गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को शांति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर और वेद व्यास की तसवीर पर माल्यार्पण कर किया.
मौके पर उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में गुरु का महत्व अहम हैं. गुरु ही हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं. विद्यार्थी गुरु के बताये गये मार्ग पर चलें और अपना भविष्य को बेहतर बनाएं. सचिव प्रभात कुमार झुनझुनवाला ने विद्यालय के आचार्य को वस्त्र देकर सम्मानित किया.
मौके पर विद्यालय के छात्रों ने एक से बढ़ कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये. मौके पर लक्ष्मी नारायण दास, प्राचार्य बादशाह प्रसाद सिंह, अरुण महतो, प्रबोध दास, गौर हरि, अश्विनी पाल, राजीव रंजन शर्मा, बबलू दास, मनीषा महतो, माधव सिंह आदि उपस्थित थे.
