गुड़ाबांदा : गुड़ाबांदा थाना क्षेत्र के भाखर गांव से सटे मुख्य केनाल के किनारे स्थित एक जजर्र सरकारी भवन में मंगलवार की सुबह भाखर के विष्णु नायक (40) का शव बरामद हुआ. आशंका है कि किसी ने उसकी हत्या की है. भारी वर्षा के कारण दोपहर दो बजे तक पुलिस नहीं पहुंची थी. घर के अंदर लाश पानी में पड़ी थी.
मृतक की पत्नी टाटामोनी नायक ने बताया कि सुबह में उसने अपने पति के शव को उक्त घर के अंदर देखा.
कान और नाक से खून बह रहा था. इसके बाद वह थाना गयी और हत्या की जानकारी पुलिस को दी. उसने बताया कि सोमवार की शाम उसके पति खदान से लौट कर लाल मोहन नायक के सरकारी भवन में बैठा था. उस वक्त गांव के ही लेपा और अशोक साव भी मौजूद थे.
शाम को लाल मोहन नायक, लेपा, अशोक साव और उसके पति उक्त मकान में शराब पी रहे थे. यह देख वह घर चली आयी. देर रात तक उसके पति घर नहीं लौटे, तो वह दोबारा लाल मोहन नायक के घर पहुंची और उसने पति के बारे में जानकारी ली. उसने बताया कि उसके पति यहां नहीं है. कहीं चल गया है. सुबह में उक्त घर में शव मिला.
धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ के नरसिंहगढ़ निवासी महुआ -गुड़ के व्यवसायी राजेश अग्रवाल मर्डर केस की पहेली अनसुलझी है. पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. मगर कोई सुराग नहीं मिला. विदित हो कि 24-25 जुलाई की रात सड़पडांगा-कोकपाड़ा सड़क पर अज्ञात लोगों ने गोली मार कर राजेश अग्रवाल की हत्या कर दी थी.
वह बहरागोड़ा से तगादा कर अपनी बाइक से लौट रहा था. हत्या के चार दिन बाद भी पुलिस को हत्यारों का कोई सुराग नहीं मिला है. व्यापारियों में आक्रोश है.जानकारी के मुताबिक मंगलवार को पुलिस ने चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया था. पुलिस इस मसले पर कुछ भी बता नहीं रही है.
सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने चारों से पूछताछ की, मगर कोई नतीजा नहीं निकला है. विदित हो कि विगत एक साल में इस थाना क्षेत्र में हुई हत्या की लगभग सभी घटनाओं का उदभेदन करने में पुलिस नाकाम रही है. इसलिए यह सवाल उठाया जा रहा है कि राजेश अग्रवाल मर्डर केस का उदभेदन पुलिस कर पायेगी?
मर्डर केस पर यह रहस्य बरकरार है कि उसकी हत्या लूट के मकशद से की गयी या फिर किसी दूसरे कारण से.
