बस पड़ाव के पास पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं

गालूडीह : गालूडीह में एनएच 33 पर स्थित बस पड़ाव सुविधा विहीन है. बरसात में भींग कर और गरमी में धूप में खड़े होकर यात्री बसों का इंतजार करते हैं. यात्री धूप और बरसात से बचने के लिए आस पास के होटलों और दुकानों में शरण लेते हैं. पानी के लिए भी होटलों में ही […]

गालूडीह : गालूडीह में एनएच 33 पर स्थित बस पड़ाव सुविधा विहीन है. बरसात में भींग कर और गरमी में धूप में खड़े होकर यात्री बसों का इंतजार करते हैं. यात्री धूप और बरसात से बचने के लिए आस पास के होटलों और दुकानों में शरण लेते हैं. पानी के लिए भी होटलों में ही जाते हैं.
बस पड़ाव में या इसके आस पास सार्वजनिन शौचालय और मूत्रलय नहीं है. शेड का निर्माण नहीं हुआ है.महिला यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
पुरुष यात्री तो इधर-इधर मूत्र त्याग देते हैं, परंतु महिलाओं को परेशानी होती है. इस बस पड़ाव पर जमशेदपुर, मुसाबनी, बहरागोड़ा, बंगाल और ओड़िशा की बसों का ठहराव है. यहां से बांदवान तक भी यात्री वाहन चलते हैं, परंतु यात्रियों की सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है. गालूडीह टीओपी जब बना था, तो बाहर में मूत्रलय बनाया गया था, वह भी अब जजर्र हो चुका है.
यात्री शेड महुलिया उवि के पास काफी पहले बना था. वह भी जजर्र हो चुका है. इस बस स्टैंड में शेड नहीं होने से यात्री काफी परेशान हैं. इस स्टैंड में रात में ओड़िशा के भुवनेश्वर- कटक और रांची से कोलकाता जाने वाली बसें भी रुकती है, परंतु यात्री सुविधा नहीं होने से यात्री परेशान हैं. मार्ग से विधायक व सासंद का रोज आना जाना होता, पर किसी का ध्यान इस ओर नहीं है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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