गालूडीह : सुकलाड़ा सबर बस्ती के कई युवा रोजगार की तलाश में तमिलनाडु में पलायन कर गये हैं. उनके परिजन बेहाल है. गांव के कालीपद सबर और नुड़िया खड़िया ने बताया कि सबर युवा तो जाते हैं, परंतु फिर किसी का कोई पता नहीं चलता. कुछ लौट कर आये हैं.
यहां के जगन्नाथ सबर समेत कई युवाओं ने कुछ माह पूर्व बोरिंग गाड़ी में काम करने के लिए पलायन किया था.
उसकी वृद्ध मां और पत्नी और मासूम बच्च बदहाली की जिंदगी जी रहे हैं. पत्नी सुबह में अपने बच्चे को अपनी सास के पास छोड़ कर जंगल जाती है. लकड़ी लेकर लौटती है पेट चलता है. यह सिलसिला काफी दिनों से जारी है. वृद्ध मां अपने बेटे की लौट आने के इंतजार में हैं.पत्नी कहती के एक बार फोन से बात हुई थी. कहा था बरसात में बोरिंग का काम बंद होने पर गांव लौटेंगे, इसके बाद से बात नहीं हुई है.
