गालूडीह : सुकलाड़ा सबर बस्ती में के अधिकांश सबर बच्चों में उचित पोषण का अभाव है. सबर बच्चों को भोजन में माड़ -भात ही मिलता है. इसके अलावा उन्हें भोजन में और कुछ नहीं मिलता.
यही इनका निवाला है. ऐसे में पोषण कैसे होगा. यह बड़ा सवाल है. बस्ती से आंगनबाड़ी भी दूर है. रेटी टू इट सबरों को पंसद भी नहीं है. यहां के कालीपद सबर ने बताया कि बस्ती के पास खड़िया प्राथमिक विद्यालय खोला गया है. यहां बस्ती के 12 सबर बच्चे पढ़ते हैं.
शेष बच्चे नहीं जाते. जो जाते हैं, वह भी अधिक देर तक स्कूल में नहीं रहते. यहां दो पारा शिक्षक हैं. गरीबी, बीमारी और उचित पोषण के अभाव में यहां के सबर नौनिहालों की जिंदगी कुम्हला रही है.
