मुसाबनी : मुसाबनी प्रखंड के बदिया आम बगान में निर्मित प्रथम इंदिरा कॉलोनी में बसाये गये नौ विस्थापित सबर परिवारों में से छह परिवार लापता है. उक्त सबर परिवार कहां गये उक्त कॉलोनी में पहले नौ सबर परिवार रहते थे.अब यहां केवल तीन सबर परिवार छुटू सबर, लगड़ा सबर और सुकूरमनी सबर ही हैं. शेष सबर परिवारों के संबंध में कोई कुछ बता नहीं पा रहा है.
उप स्वास्थ्य केंद्र में पिछले छह वषों से रह रही सुकूरमनी सबर ने कहा कि मरम्मत नहीं होने से इंदिरा आवास ध्वस्त हो गये हैं. कई सबर परिवार मजबूरी में दूसरे राज्यों में भी पलायन कर गये. वहीं कुछ सबरों की मृत्यु हो गयी. सुकूरमनी सबर अन्य सबर परिवारों के संबंध में कुछ भी नहीं बता पायी. सुकूरमनी के परिवार में भी कोई नहीं है.
वह अकेले उप स्वास्थ्य केंद्र के बरामदे में रहती है. दूसरों के घरों में मजदूरी कर अपना पेट पाल रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार 1985-86 में यहां इंदिरा कॉलोनी बनी थी. खपरैल के इंदिरा आवास बनाये गये थे.
समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण अधिकांश इंदिरा आवास ध्वस्त हो गये हैं. एचसीएल-आइसीसी की ओर से जलापूर्ति की व्यवस्था की गयी थी. कॉलोनी विरान हो चुका है. यहां से मोना सबर, बुंदिया सबर, छोटू सबर. लेड़े सबर, पानो सबर व चिंता सबर का परिवार गायब है.
