मुसाबनी : एचसीएल तथा आइआरएल प्रबंधन ग्राम सभा के साथ बैठक कर जल्द सुरदा माइंस को चालू करे, अन्यथा झामुमो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करेगा. उक्त बातें झामुमो द्वारा ग्राम सभा के समर्थन में मुसाबनी के सुरदा क्रॉसिंग पर एक दिवसीय धरना को संबोधित करते हुए झामुमो के जिलाध्यक्ष सह पूर्व विधायक रामदास सोरेन ने कही.
श्री सोरेन ने कहा कि सांसद और विधायक जीएम से मिल कर और नारियल फोड़ कर खदान को फिर से शुरू करने की घोषणा करते हैं, बावजूद खदान चालू नहीं हो पाया है, यह दुखद है.
उन्होंने कहा कि झामुमो क्षेत्र के आदिवासियों एवं मूलवासियों के अधिकारों के लिए तत्पर है. झामुमो ग्राम सभा की सभी मांगों का समर्थन करता है. प्रबंधन जल्द ग्राम सभा के साथ बैठक कर गतिरोध का समाधान करे, ताकि बंद सुरदा खदान खुले और मजदूरों को रोजगार मिले. धरना को विशिष्ठ अतिथि पूर्व मंत्री यदुनाथ बास्के, झामुमो युवा मोरचा के जिलाध्यक्ष महावीर मुमरू, बहादुर किस्कू, झाकॉमयू के महासचिव देवी प्रसाद मुखर्जी, घाटश्लिा के उप प्रमुख जगदीश भकत, गौरांग माहली, ग्राम सभा की ओर से सोमाय टुडू, महेश्वर हांसदा, भगत बास्के, कालीपद गोराई, खुदू उरांव आदि ने भी संबोधित किया. वक्ताओं ने मजदूरों से एकता बनाये रखने की अपील की तथा ग्राम सभा की मांगों का समर्थन किया. धरना के बाद झामुमो ने सीओ विशाल खलको को तीन सूत्री मांग पत्र सौंपा.
मांग पत्र में सुरदा माइंस को अविलंब चालू करने, कार्यरत मजदूरों को सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी देने, माइंस गेट के सूचना पट्ट में नोटिस चिपकाने की मांगें शामिल हैं. धरना में प्रधान सोरेन, गणोश मुमरू, बाघराय मार्डी के अलावा अनेक आइआरएल के मजदूर भी शामिल हुए. संचालन सोमाय सोरेन ने किया. मौके पर मो इसलाम, बुढ़ान सोरेन, दशरथ मार्डी, मोहन मांझी, राम मांझी समेत अनेक मजदूर एवं ग्रामीण उपस्थित थे.
