विगत आठ माह के दौरान हुई है सभी की मौत

मासूमों की मौत से प्रशासन है बेखबर, दहशत में हैं ग्रामीण धालभूमगढ़ : नक्सल प्रभावित गुड़ाबांदा प्रखंड का भालकी गांव को राज्य सभा सांसद प्रदीप कुमार बलमुचु ने आदर्श ग्राम के लिए चयनित किया है. इसी आदर्श ग्राम में आठ माह के दौरान अज्ञात बीमारी ने दो सबर समेत सात मासूमों को निगल लिया है. […]

मासूमों की मौत से प्रशासन है बेखबर, दहशत में हैं ग्रामीण
धालभूमगढ़ : नक्सल प्रभावित गुड़ाबांदा प्रखंड का भालकी गांव को राज्य सभा सांसद प्रदीप कुमार बलमुचु ने आदर्श ग्राम के लिए चयनित किया है. इसी आदर्श ग्राम में आठ माह के दौरान अज्ञात बीमारी ने दो सबर समेत सात मासूमों को निगल लिया है. कई मासूम अज्ञात बीमारी से जूझ रहे हैं.
मृत सभी बच्चों की उम्र पांच से 14 वर्ष के बीच की है. ग्रामीणों के मुताबिक सभी बच्चे ब्रेन मलेरिया और पीलिया से पीड़ित थे. गरीबी के कारण बीमार बच्चों का बेहतर इलाज नहीं हो पाया है. ग्रामीणों ने जड़ी-बूटी और झाड़ फूंक का सहारा लिया. ग्रामीण चिकित्सकों से इलाज कराया. इलाके में सरकारी चिकित्सा व्यवस्था फेल है.
बच्चों की मौत से प्रशासन बेखबर है और ग्रामीण दहशत में हैं. यहां के ग्रामीणों ने बताया कि भालकी में उप स्वास्थ्य केंद्र है, परंतु यहां कभी भी चिकित्सक नहीं आते हैं. एएनएम कभी- कभी आती है. पहाड़ और जंगलों से सटे इस गांव के विभिन्न टोलों में मलेरिया और पीलिया का प्रकोप है.

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