टोला में 38 संताल और सबर परिवार रहते हैं
धालभूमगढ़ : नक्सल प्रभावित गुड़ाबांदा प्रखंड में राज्य सभा प्रदीप बलमुचू द्वारा चयनित आदर्श ग्राम भालकी का सड़कघुटू टोला मलेरिया और पीलिया जोन में तब्दील हो गया है. अधिकांश घरों में मलेरिया और पीलिया के मरीज हैं. इलाके में सरकारी चिकित्सा व्यवस्था फेल है और गरीब ग्रामीणों को जड़ी-बूटी और झाड़फूंक का ही सहारा है.
ग्रामीणों के मुताबिक इस टोला में 38 संताल और सबर परिवार रहते हैं. 20 से अधिक परिवार ऐसे हैं, जहांमेलेरिया और पीलिया के रोगी हैं. क्षेत्र में सरकारी चिकित्सा व्यवस्था फेल होने के कारण गरीब मरीज पीलिया का इलाज झाड़फूंक और जड़ी- बूटी से करवा रहे हैं.
मलेरिया पीड़ित अपना इलाज आर्थिक क्षमता के मुताबिक आरएमपी चिकित्सकों से करा रहे हैं. सभी परिवार किसान और मजदूर हैं. 31 मई को टोला में बाबूराम टुडू, साकरो मुमरू, दाड़ू टुडू, लखया टुडू, माझो हेंब्रम ने बताया कि वे मलेरिया और पीलिया से पीड़ित हैं. सभी ने बताया कि ग्रामीण चिकित्सकों ने जांच के बाद कहा है कि उन्हें मलेरिया और पीलिया है.
टोला की माइनो टुडू, फागू टुडू और नेहा टुडू मलेरिया और पीलिया से पीड़ित थी. पड़गो मुमरू ने बताया कि उसके पांव और कमर दर्द से परेशान थी. लदे राम टुडू ने कहा कि उसके नेत्र में बीमारी है. ग्रामीणों ने बताया कि टोला के लोग बीमारियों से पीड़ित हैं. उनका हाल जानने वाला कोई नहीं है.
