धालभूमगढ़ : कुड़मी सेना की बैठक मंगलवार को धालभूमगढ़ वन विश्रमागार में स्वपन महतो की अध्यक्षता में हुई. बैठक में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय अध्यक्ष गुरूदेव महतो ने कहा कि 28 मई को कुड़मी सेना झारखंड बंद बुलायेगी.
उन्होंने कहा कि सरकार की जुडिशियल आदेश संख्या 350, दिनांक 2 मई 1913 बिहार, ओड़िशा नोटिफिकेशन संख्या 3563 जे द्वारा कुड़मी/ कुड़मी को मुंडा, उरांव, संथाल, हो, खड़िया, भूमिज आदि के साथ जनजाति मान कर कास्तकारी लॉ और पर्सनल लॉ लागू किया गया था. कुड़मियों में आदिवासियत के सभी गुण विद्यमान हैं.
दूसरी जातियों की तरह इसकी अपनी संस्कृति और भाषा है. अलग राज्य बनने के बाद किसी भी राजनीतिक दल का नजरिया कुड़मी जाति के प्रति सही नहीं है. भारत सरकार के जनगणना में कुड़मी को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में रखा है. राजनीतिक साजिश के तहत टीआरआइ ने कुड़मियों के विरोध में रिपोर्ट भेजी है.
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि टीआरआइ की रिपोर्ट वापस लेने और कुड़मी को अनुसूचित जनजाति में पुन: शामिल करने की मांग को लेकर 28 मई को झारखंड बंद का आह्वान किया. बैठक का संचालन प्रणव महतो ने किया. बैठक में अशोक महतो, निशिकांत महतो, गणोश महतो, सुशील महतो, घनश्याम महतो, पिंकी महतो, अरूण महतो ने भी संबोधित किया.
