पोटका के हरिणा पंचायत क्षेत्र की घटना : पूर्ण हो चुके पथ पर कार्य होने से भड़के ग्रामीण
जमशेदपुर/पोटका : पोटका की हरिणा पंचायत के बालियाचुआ गांव में सड़क निर्माण किये जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने 18 घंटे से ज्यादा समय तक जेसीबी और ट्रैक्टर को घेर कर रखा. ग्रामीणों को संदेह है कि घोटाले को छुपाने के लिए जांच का आदेश होने के बाद जेसीबी और ट्रैक्टर से मिट्टी-मुरुम पथ का निर्माण किया जा रहा था.
डीडीसी विनोद कुमार, बीडीओ स्मृता कुमारी, इंस्पेक्टर हिमांशु मांझी, थाना प्रभारी शैलेंद्र के पहुंचने और जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने जेसीबी और ट्रैक्टर को मुक्त किया. डीडीसी ने बताया कि दो सड़कों की जांच के लिए उपायुक्त द्वारा कमेटी गठित की गयी है. जल्द ही जांच शुरू होगी.
जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी. ग्रामीणों का नेतृत्व महावीर सरकार कर रहे थे. सूचना पाकर झाविमो के प्रखंड अध्यक्ष अनूप मंडल, जिला सचिव मनोज सरदार एवं झावियुमो के अप्पू पाल पहुंचे व मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की.
क्या है मामला. आरटीआइ कार्यकर्ता दिनेश महतो ने 28 अप्रैल को उपायुक्त को ज्ञापन देकर हरिणा में मनरेगा की मिट्टी मुरूम पथ निर्माण की दो योजनाओं में घोटाला होने का आरोप लगाया था.
श्री महतो ने कहा था कि हरिणा पंचायत में (योजना संख्या 11/12-13) उदाल बारूघाट से धातकीडीह चौक तक मिट्टी- मुरुम पथ निर्माण की प्राक्कलित राशि 4. 86 लाख और (योजना संख्या 26/11-12) बलियाचुआ से धातकीडीह तक मिट्टी मुरुम पथ निर्माण की प्राक्कलित राशि 2. 62 लाख रुपये थी. मनरेगा की दोनों योजनाओं में किसी प्रकार का काम नहीं किया गया.
योजना संख्या 11/12-13 में 360 मजदूर और योजना संख्या 26/ 11-12 में 207 मजदूर का फरजी वाउचर बना कर काम पूरा दिखा दिया गया और 7.48 लाख रुपये का घपला कर लिया गया. शिकायत के आधार पर जांच का आदेश परियोजना निदेशक को दिया गया था. जांच का आदेश होते ही शुक्रवार की रात आठ बजे हरिणा के बालियाचुआ गांव में जेसीबी और ट्रैक्टर से मिट्टी मुरुम पथ का निर्माण शुरू कर दिया गया. इससे ग्रामीण भड़क गये और जेसीबी और ट्रैक्टर को घेर लिया.
दोषी पर कार्रवाई हो : दिनेश. शिकायतकर्ता श्री महतो ने कहा कि घोटाले को छुपाने के लिए जेसीबी और ट्रैक्टर से काम किया जा रहा था, जिसे ग्रामीणों ने घेर लिया था. उन्होंने कहा कि मनरेगा की योजना में मशीन का उपयोग नहीं करना है, इसलिए मशीन का उपयोग होता देख उसे ग्रामीणों ने घेर लिया था. श्री महतो ने कहा कि जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई हो.
