बहरागोड़ा : धान का कटोरा कहे जाने वाले बहरागोड़ा प्रखंड में खेत में खड़ी गरमा धानी फसल पर हुई ओलावृष्टि के सदमे से किसान उबर नहीं पाये हैं कि दो दिन हुई वर्षा ने कहर बरपा दिया है. गरमा धान के खेत पानी से डूब गये हैं. काट गयी धान की फसल डूब गयी हैं. धान से अंकूर निकलने लगे हैं.
यहां के किसानों को दोहरा नुकसान ङोलना पड़ रहा है. अनेक किसानों के खेत में कटी हुई फसल पानी में तैर रही है तो कई किसानों के फसलों के ऊपर पानी जम गया है. इससे 90 प्रतिशत धान खराब होने की संभावना जतायी जा रही है. धान में बिचड़ा आना शुरू हो गया है. इस प्रकार की क्षति से किसानों की कमर टूट गयी है.
किसान असित कुमार जेना, मोती लाल जेना, प्रदीप जेना, आशीष माइती, किशोर माइती, सेनापती जेना, निशिकांत गिरी, छोटिया जेना, ललनी माइती, बबलू जेना ने बताया कि अब धान को खेत से घर लाकर कोई फायदा नहीं है. किसान फसल को बचाने के प्रयास में जुटे हैं, परंतु हर शाम वर्षा होने से इस पर भी पानी फिर जा रहा है.
