जमशेदपुर : जादूगोड़ा में 1800 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोपी को पकड़ने के लिए असम के गुवाहाटी में जिला पुलिस की टीम ग्राहक बन कर घुम रही थी. पुलिस टीम के पदाधिकारी हाफ पेंट और हवाई चप्पल में दिन भर घूमते रहते थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक कमल कुमार सिंह का लोकेशन पुलिस को मिलने के बाद सात दिनों तक पुलिस असम के गुवाहाटी में कैंप की.
जिस जगह में कमल का लोकेशन मिल रहा था. वह पॉश इलाका था. तीन-चार मंजिला घर ही दिखाई पड़ता था और हर घर के सामने टूलेट का बोर्ड लगा था. पुलिस टीम ने इसका फायदा उठाया. पुलिस ने सात दिनों लगभग 60 घरों को ग्राहक बन कर सर्च किया. पुलिस पदाधिकारी घर किराया में खोज रहे थे. 19 अप्रैल को पुलिस टीम सड़क में भटक रही थी.
इस बीच एक घर के सामने छोटा हाथी खड़ा मिला. उसी घर से कमल दो-तीन बार बाहर अंदर हुआ. घर के सामने खड़े सिपाही ने बताये गये हुलिए के आधार पर उसे पहचाना और टीम के पदाधिकारियों को सूचित किया. इसके बाद उसे पकड़ कर ले जाया गया.
गिरफ्तारी के बाद पहनी वर्दी
कमल को गिरफ्तार करने के बाद अपने बचाव के लिए पुलिस पदाधिकारियों ने वर्दी पहन ली. उसे तत्काल इनोवा में बैठाया और हवाईअड्डा ले जाया गया. यहां कमल की गिरफ्तारी हुई, वहां से 35 किलोमीटर दुर हवाई अड्डा था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक कमल जिस घर में किराये पर रह रहा था. वहीं रहने वाले एक दोस्त की बाइक से वह आना-जाना करता था. पुलिस को असम में कमल के पास कार होने की सूचना भी मिली थी.
500 करोड़ की ठगी की बात बतायी
गुवाहाटी से शहर लाने के क्रम में गिरफ्तार कमल ने पुलिस अधिकारियों का बताया कि उसने 500 करोड़ रुपये की ठगी की है. यूसीआइएल कर्मियों तथा सेवानिवृत्त हो चुके लोगों को उसने ज्यादा शिकार बनाया है.
अचल संपत्ति की बात सामने आयी
मामले की जांच कर रही जिला पुलिस को खबर हाथ लगी है कि कमल सिंह का शहर के अलावा अन्य कई राज्यों में अचल संपत्ति है. उसकी संपति कहां-कहां पर है, इसकी जांच की जा रही है.
