पश्चिम बंगाल और झारखंड से पहुंचे थे शिकारी
वनपाल जगन्नाथ कुमा के नेतृत्व में वसु समिति के सदस्यों ने शिकारियों को सेंदरा करने से रोका
जंगलों में वन्य प्राणियों का सेंदरा नहीं होने देने का संकल्प
चाकुलिया : चाकुलिया वन क्षेत्र के हवाई पट्टी से सटे सुनसुनिया राजाबासा और मौरबेड़ा गांव स्थित साल जंगलों में वन्य प्राणियों के सेंदरा पर रोक लगाने का संकल्प ग्रामीणों ने लिया ैहै. शनिवार को पश्चिम बंगाल और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आये शिकारियों को वन सुरक्षा समिति के सदस्यों ने वनपाल जगन्नाथ कुमार के नेतृत्व में सेंदरा करने रोक दिया. सभी शिकारियों को वापस भेज दिया.
वन सुरक्षा समिति के सदस्यों ने कहा कि आज सुबह दर्जनों शिकारी को परंपरागत हथियारों से लेश जंगल की ओर जाते देखा गया. उन्हें रोकने के लिए सुनसुनिया, माचाडिहा, राजाबासा, मौरबेड़ा, जामुआ और सानघाटी गांव की वन सुरक्षा समिति के सदस्य अलग अलग दलों में बंट कर जंगल में गये और सेंदरा करने पहुंचे शिकारियों को जंगल से वापस लाया गया.
वनपाल जगन्नाथ कुमार दल बल के साथ जंगल पहुंचे और शिकारियों को सेंदरा ना करने की बात कही. श्री कुमार ने उन्हें वापस भेज दिया. इस अवसर पर लतीफ अंसारी, फागुराम मुमरू, जितराय मांडी, चुरपा मुमरू, झापो हेंब्रम, बाना सोरेन, सावना किस्कू, रवि किस्कू, बिरसा हांसदा, सुनाराम मुमरू, बोरजू टेडू, दुखु राम मांडी समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे.
जंगलों में देंगे पहरा : लतीफ अंसारी
सुनसुनिया वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष लतीफ अंसारी ने कहा कि सेंदरा पर्व को देखते हुए वन सुरक्षा समिति के सदस्य अपने अपने क्षेत्र के जंगलों में पहरा देंगे, ताकि सेंदरा होने से रोकार जा सके.
समिति ने सराहनीय कार्य किया : वनपाल
वनपाल जगन्नाथ कुमार ने कहा कि राजाबासा और मौरबेड़ा जंगल में सेंदरा करने पहुंचे शिकारियों को गांव के वन सुरक्षा समिति के सदस्यों ने वापस भेज कर काफी सराहनीय कार्य किया है. उन्होंने कहा कि सेंदरा से जंगल और पशु-पक्षियों का नुकसान होता है. क्षेत्र के समिति के सदस्यों का सेंदरा के प्रति जागरूकता सराहनीय है.
