पिता परीक्षा नियंत्रक हैं, पुत्र उसी कॉलेज में दे रहा परीक्षा

विभिन्न कॉलेजों के शिक्षकों ने कोल्हान विवि में जाकर की शिकायत घाटशिला : घाटशिला महाविद्यालय में नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं. कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ दिल चंद राम का छोटा पुत्र कॉलेज में परीक्षा दे रहा है, वहीं पिता परीक्षा नियंत्रक बने हुए हैं. जबकि नियमानुसार पुत्र की परीक्षा के दिन […]

विभिन्न कॉलेजों के शिक्षकों ने कोल्हान विवि में जाकर की शिकायत

घाटशिला : घाटशिला महाविद्यालय में नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं. कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ दिल चंद राम का छोटा पुत्र कॉलेज में परीक्षा दे रहा है, वहीं पिता परीक्षा नियंत्रक बने हुए हैं. जबकि नियमानुसार पुत्र की परीक्षा के दिन उन्हें छुट्टी लेनी चाहिए. उक्त मामला कोल्हान विश्वविद्यालय तक पहुंच गया है. कॉलेज से पिछले दिनों तीन शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल टीचर्स एसोसिएशन ऑफ कोल्हान विश्वविद्यालय (टाकू) के आह्वान पर केयू में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था.
घाटशिला कॉलेज से वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ संजय कुमार सिंह, राजनीति विभागाध्यक्ष प्रो इंदल पासवान और बांग्ला विभागाध्यक्ष प्रो एस चंद्रा केयू गये थे. कई कॉलेजों के लगभग 20 शिक्षकों के समक्ष कुलपति डॉ शुक्ला मोहंती, कुल सचिव डॉ सत्येंद्र नारायण सिंह, कुलानुशासक डॉ एके झा और फाइनांस ऑफिसर सुधांशु कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों के समक्ष अपनी बातें रखीं. शिक्षकों ने केयू के पदाधिकारियों से जानना चाहा कि कोई शिक्षक कॉलेज में परीक्षा नियंत्रक की कुर्सी पर बैठे हैं और उनका पुत्र उसी कॉलेज में परीक्षा दे सकता है. कुल सचिव ने कहा ऐसा नहीं होना चाहिए. उक्त परीक्षा की तिथि में शिक्षक को छुट्टी लेने की जरूरत है.
केयू को नहीं है जानकारी : कुलसचिव
कुल सचिव डॉ सिंह ने कहा कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं मिल पायी है. कॉलेज के प्राचार्य ने इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी है. अगर ऐसा हुआ है, तो यह गलत है. ऐसे कार्यों को प्रोत्साहन देने की जरूरत नहीं है.
कुल सचिव ने बैठक में शिक्षकों से कहा कि अगर व्यक्तिगत मामला है तो उसे भी रख सकते हैं. डॉ सिंह ने कहा कि पिछले दिनों परीक्षा नियंत्रक बनाने को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गयी. परीक्षा नियंत्रक बनाने के लिए कॉलेज के प्राचार्य ने न विज्ञापन निकाला और न नोटिस जारी की और न शिक्षकों से विचार विमर्श किया.
कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य प्रो एमडीपी सिंह ने कॉलेज के प्रभारी परीक्षा नियंत्रक बने प्रो एस चंद्रा को हटा दिया और डॉ दिल चंद राम का नाम परीक्षा नियंत्रक के रूप में केयू भेज दिया. इसे लेकर उन्होंने परीक्षा नियंत्रक बनने से इनकार कर दिया. इसके कारण उनके सर्विस बुक पर कार्रवाई की बात लिखी गयी.

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