संवाददाता, दुमका. मुख्यमंत्री उत्कृष्ट प्लस टू जिला स्कूल, दुमका के प्रशाल में सोमवार को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के तत्वावधान में साइंस फॉर सोसायटी, दुमका के सहयोग से 32वीं जिलास्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित किया गया. इसमें विभिन्न कोटि के सरकारी विद्यालयों के विज्ञान शिक्षक शामिल हुए. कार्यशाला का मुख्य विषय ‘सततता के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ रहा.
अवशिष्ट प्रबंधन से जल संरक्षण तक दिये गये प्रशिक्षण
कार्यशाला में अवशिष्ट प्रबंधन के लिए आर-5, ऊर्जा के लिए ई-4, जल संचयन, जल का समुचित उपयोग एवं संरक्षण, खाद्य, कृषि एवं स्वास्थ्य तथा सततता के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली के अनुप्रयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शिक्षकों को जानकारी दी गयी.
वक्ताओं ने इन विषयों को विद्यालयी शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार की भावना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने के लिए उन्हें स्थानीय स्तर की समस्याओं से जोड़ना जरूरी है.
स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान के लिए प्रेरित करें शिक्षक
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीत कुमार ने शिक्षकों से अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में प्रकृति के अनुकूल नये अनुसंधान के लिए प्रेरित करें.
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को समझने और उनके वैज्ञानिक समाधान तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. इससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी.
विज्ञान सामाजिक और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान का माध्यम
विशिष्ट अतिथि सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी डॉ संजय सिन्हा, भौतिकी विभाग के डॉ राजीव सिन्हा, झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के राज्याध्यक्ष दिवाकर महतो, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक दिलीप कुमार झा, बाल विज्ञान कांग्रेस के राज्य समन्वयक डॉ अतेंद्र कुमार, प्लस टू जिला स्कूल के प्राचार्य महेंद्र राजहंस, झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव काशीनाथ महतो एवं झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव निवास मंडल ने भी कार्यशाला को संबोधित किया.
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है. बाल वैज्ञानिकों को अपने आसपास की स्थानीय समस्याओं की पहचान कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार के माध्यम से उनके समाधान की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.
बाल विज्ञान कांग्रेस के उद्देश्यों की दी जानकारी
साइंस फॉर सोसायटी, दुमका के जिला सचिव शिवाकांत त्रिपाठी ने अतिथियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं का स्वागत किया. उन्होंने बाल विज्ञान कांग्रेस के उद्देश्यों और प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की.
कार्यक्रम का संचालन उत्क्रमित उच्च विद्यालय आसनसोल कुरुवा के शिक्षक मदन कुमार ने किया.
दिवंगत शिशिर कुमार घोष को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के समापन अवसर पर साइंस फॉर सोसायटी के पूर्व जिला समन्वयक दिवंगत शिशिर कुमार घोष के विज्ञान जागरूकता के क्षेत्र में किये गये योगदान को याद किया गया. उपस्थित लोगों ने उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की.
वक्ताओं ने विज्ञान के प्रति जागरूकता फैलाने और बाल विज्ञान कांग्रेस को आगे बढ़ाने में शिशिर कुमार घोष के योगदान को याद करते हुए उसे सराहा.
