दवाओं की कमी, अभिलेखों में त्रुटि व योजनाओं में लापरवाही उजागर

सरैयाहाट पहुंचा पूरा का पूरा प्रशासनिक महकमा, एक साथ 15 पंचायतों की योजनाओं की जांच, कई जगह मिली गड़बड़ियां.
सरैयाहाट. दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा के नेतृत्व में बुधवार को सरैयाहाट प्रखंड अंतर्गत एक साथ 15 पंचायतों में विभिन्न सरकारी योजनाओं की व्यापक जांच की गयी. इस दौरान स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, मनरेगा, पीडीएस, आवास योजना, 15वीं वित्त आयोग सहित अन्य योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी गयी, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आयीं. उपायुक्त ने सरैयाहाट प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बारीडीह का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान आवश्यक दवाओं की कमी तथा विभिन्न जांच किटों की अनुपलब्धता पायी गयी. इस पर उन्होंने संबंधित के विरुद्ध शो-कॉज नोटिस जारी करने तथा मानदेय स्थगित करने का निर्देश दिया. इन मामलों में समुचित ध्यान नहीं देने पर उन्होंने सरैयाहाट की प्रभारी के प्रति नाराजगी भी जतायी. बाल विकास परियोजना कार्यालय, सरैयाहाट के निरीक्षण के दौरान रोकड़ बही अद्यतन नहीं पाए जाने पर नजीर को शो-कॉज करने एवं मानदेय रोकने का निर्देश दिया गया. समाज कल्याण विभाग द्वारा प्राप्त परिसंपत्तियों का योग्य लाभुकों के बीच समय पर वितरण नहीं होने पर सीडीपीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया. बभनखेता गांव के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों से बातचीत में कम अनाज वितरण की शिकायत मिलने पर संबंधित पीडीएस डीलर के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया. वहीं मनरेगा कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर रोजगार सेवक से स्पष्टीकरण मांगा गया. उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी पंचायत में कोई भी चापाकल खराब नहीं रहना चाहिए और कहीं भी पेयजल संकट उत्पन्न न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए. इसके अलावा प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के कर्मियों के लॉग बुक एवं अभिलेखों की जांच की गयी. कई जगह त्रुटियां पाए जाने पर एक सप्ताह के भीतर सभी पंजी अद्यतन करने का निर्देश दिया गया, अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी दी गयी. निरीक्षण के दौरान पीएम आवास व बिरसा आवास योजना, मनरेगा, 15वीं वित्त योजना, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र एवं पीडीएस व्यवस्था की जांच की गई. पंचायत भवनों के खुलने-बंद होने का समय, बच्चों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, रसोइयों का मानदेय, साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल व्यवस्था तथा योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की पड़ताल की गयी. कई पंचायतों में अभिलेख संधारण में गंभीर त्रुटियां पायी गयीं. उपायुक्त के निर्देश पर नामित वरीय पदाधिकारियों द्वारा 15 पंचायतों में अलग-अलग निरीक्षण किया गया, जिसमें बभनखेता, बरमानिया, चंदूबथान, धौनी, गादीझोपा, हंसडीहा, कनकी, केंदुआ, कोरदाहा, मंडलडीह, माथाकेशो, मटिहानी, नावाडीह, पथरा एवं रक्सा पंचायत शामिल हैं. निरीक्षण के दौरान राशन वितरण, विद्यालयों की मूलभूत सुविधाएं, आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण आहार, मनरेगा व आवास योजनाओं का भौतिक सत्यापन तथा स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपस्थिति व दवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गयी. निरीक्षण हेतु जिला सहकारिता पदाधिकारी कर्मवीर प्रसाद मेहता द्वारा बभनखेता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सौरभ कुमार द्वारा बरमानिया, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल विजय कुमार अग्रवाल द्वारा चंदूबथान, परिवहन पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार द्वारा धौनी, अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार द्वारा गादीझोपा, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरेन्द्र कुमार द्वारा हंसडीहा, भूमि सुधार उपसमाहर्ता अब्दुस समद द्वारा कनकी, अवर निबंधक सौरभ वर्मा द्वारा केंदुआ, जिला योजना पदाधिकारी मुकेश कुमार द्वारा कोरदाहा, कार्यपालक पदाधिकारी ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल असीम बिरुआ द्वारा मंडल डीह, कोषागार पदाधिकारी सर्वजीत कुमार द्वारा माथाकेशो, सहायक समाहर्ता नाजिश अंसारी द्वारा मटिहानी, जिला कल्याण पदाधिकारी गौतम मोदी द्वारा नावाडीह, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अभिषेक कुमार दीप द्वारा पथरा तथा कार्यपालक दंडाधिकारी विनीत कुमार द्वारा रक्सा पंचायत का निरीक्षण किया गया.
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