प्रमुख :: बढ़ सकती है कृषि मंत्री की मुश्किलें, दो गवाह ने की पहचान

एमपी-एमएलए विशेष अदालत में कृषि मंत्री की हुई पेशी

कहा : जब मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट तैयार की जा रही थी, तब इनलोगों ने खींचतान कर फाड़ डाला था प्रतिनिधि, दुमका कोर्ट एमपी-एमएलए विशेष अदालत में गोड्डा के महागामा से कांग्रेस विधायक एवं वर्तमान में कृषि मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से जुड़े मामले में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश सह एसडीजेएम मोहित चौधरी के न्यायालय में दो गवाह की गवाही हुई, जिसमें महागामा थाना के तत्कालीन सहायक अवर निरीक्षक सूखनारायण मंडल की गवाही भी शामिल थी. उन्होंने बताया कि उस समय के तत्कालीन थाना प्रभारी दिनेश कुमार सिंह ने उन्हें एक व्यक्ति की मृत्यु की समीक्षा रिपोर्ट तैयार करने के लिए महागामा रेफर अस्पताल भेजा था, जिसे तैयार कर रहे थे. तभी भीड़ जमा हो गयी. इसमें दीपिका पांडेय सिंह, नीरज चौरसिया, एकराम अंसारी, सब्बीर और अन्य लोग भी थे. ये सभी उनके द्वारा तैयार मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट खींचा-तानी कर फाड़ दी. शव को लेकर जाने लगे. तभी थाना प्रभारी ने आकर शव को अपने कब्जे में लिया. दूसरे गवाह सहायक अवर निरीक्षक उमेश कुमार राम जो घटनास्थल पर थे, उन्होंने घटना का समर्थन किया. घटनास्थल पर दीपिका पांडेय सिंह की उपस्थिति के बारे में बताया. इससे पहले केस में 20 अगस्त 2024 को पुलिस के चार गवाहों की गवाही हुई़, जिसमें सभी गवाहों ने घटना का समर्थन किया था, लेकिन किसी भी आरोपी को पहचान नहीं की थी. बता दें कि यह मामला वर्ष 2017 का है. तब क्षेत्र भ्रमण के दौरान महागामा में सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति के घायल होने के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दिया था. इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष के रूप में दीपिका पांडेय सिंह घटनास्थल पर पहुंची थी. मामले में थाना कांड संख्या 72/2017 दर्ज किया गया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >