संवाददाता, दुमका. नोनीहाट स्थित बासुकिनाथ मोड़ को बासुकीनाथ के नंदी चौक की तर्ज पर विकसित करने की मांग उठी है. सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार सिंह ने इस संबंध में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा को पत्र सौंपकर जिला पर्यटन संवर्द्धन समिति के निर्णय को जल्द धरातल पर उतारने का आग्रह किया है. उन्होंने बासुकिनाथ मोड़ पर गोलंबर के साथ भव्य एवं आकर्षक शिव द्वार बनाने की भी मांग की है.
पर्यटन संवर्द्धन समिति ने लिया था शिव द्वार बनाने का निर्णय
उपायुक्त को सौंपे गये पत्र में कहा गया है कि 25 जुलाई 2025 को हुई जिला पर्यटन संवर्द्धन समिति की बैठक में स्पेशल डिविजन की ओर से नोनीहाट के बासुकिनाथ मोड़ पर भव्य शिव द्वार बनाने का निर्णय लिया गया था. इसके बावजूद अब तक इस निर्णय को धरातल पर उतारने की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हुई है.
बताया गया कि उक्त स्थान पर पहले विशाल आरसीसी तोरण द्वार बना हुआ था, जो अब क्षतिग्रस्त हो चुका है. ऐसे में नये सिरे से आकर्षक शिव द्वार का निर्माण कराने से इस महत्वपूर्ण मार्ग की धार्मिक और पर्यटन पहचान को और मजबूती मिल सकती है.
कांवरिया सर्किट का महत्वपूर्ण पड़ाव है बासुकिनाथ मोड़
पत्र में कहा गया है कि नोनीहाट का बासुकिनाथ मोड़ गंगा जी-बासुकीनाथ धाम कांवरिया सर्किट का महत्वपूर्ण हिस्सा है. बासुकीनाथ धाम के प्रवेश मार्ग पर प्राचीन नाग वासुकी मंदिर स्थित है. यहां दुमका जिले का सबसे बड़ा एक दिवसीय मेला भी आयोजित होता है.
सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मार्ग से होकर बासुकीनाथ धाम पहुंचते हैं. वहीं, श्रावणी मेला के दौरान इस मार्ग की धार्मिक और पर्यटन महत्ता कई गुना बढ़ जाती है. ऐसे में बासुकिनाथ मोड़ को आकर्षक स्वरूप देने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सकता है.
दुर्घटनाओं को देखते हुए गोलंबर की भी जरूरत
राजेश कुमार सिंह ने कहा कि बासुकिनाथ मोड़ का विकास केवल धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है. सड़क की मौजूदा बनावट के कारण यह स्थान यातायात की दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है. हाल के वर्षों में यहां कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान भी गयी है.
उन्होंने कहा कि यातायात को व्यवस्थित करने और दुर्घटनाओं की आशंका कम करने के लिए यहां गोलंबर का निर्माण जरूरी है. इससे वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी.
नाग वासुकी चौक के रूप में विकसित करने की अपील
सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि लोकहित और लोक आस्था को ध्यान में रखते हुए बासुकिनाथ मोड़ को बासुकीनाथ के नंदी चौक की तर्ज पर विकसित किया जाना चाहिए. उन्होंने इस स्थान को "नाग वासुकी चौक" के रूप में विकसित करने, गोलंबर बनाने और आकर्षक शिव द्वार स्थापित करने की मांग की.
उन्होंने जिला प्रशासन से जिला पर्यटन संवर्द्धन समिति के निर्णय पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए योजना को जमीन पर उतारने की अपील की है.
