दुमका कोर्ट में पेशी के बाद बोलीं दीपिका, केंद्र पर बकाया हो जायेगा 2.36 लाख करोड़

Deepika Pandey Singh in Dumka: झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने दुमका कोर्ट में पेशी के बाद कहा कि केंद्र सरकार पर झारखंड सरकार का बकाया कुछ दिनों में 2.36 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा. वित्त विभाग इसका ब्योरा तैयार कर रहा है.

Deepika Pandey Singh in Dumka: दुमका के एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशी के बाद शनिवार को ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने दुमका परिसदन में मीडिया से बातचीत के दौरान बड़ा बयान दिया. मंत्री ने कहा, ‘कुछ ही दिनों में केंद्र पर बकाया एक लाख 36 हजार करोड़ रुपए से बढ़ कर 2 लाख 36 हजार करोड़ रुपए हो जायेगा. झारखंड वित्त विभाग इसका ब्योरा तैयार कर रहा है.’ हेमंत सोरेन सरकार की ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री ने केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया.

‘समाज के उत्थान के लिए चल रही योजनाओं में पैसे नहीं दे रहा केंद्र’

उन्होंने कहा, समाज के उत्थान के लिए जो विकास योजनाएं चलायी जा रही हैं, उसमें केंद्र सरकार अपना अंश देने में कोताही बरत रही है. पहले से कोयले की रॉयल्टी 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपए बाकी थी. पीएम आवास योजना, मनरेगा, नल-जल योजना, बाल विकास परियोजना की राशि भी अब नहीं मिल रहा है. वित्त विभाग सभी बकायों का ब्योरा तैयार कर रहा है. कुछ दिनों में इसकी रिपोर्ट पेश की जायेगी.

अपने हक के लिए जरूरत पड़ी, तो आंदोलन करेंगे – दीपिका

दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों की भूमि रही है. अपना हक पाने के लिए हमें आंदोलन करना आता है. उन्होंने कहा कि हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक हुई थी, उसमें झारखंड को कम पीएम आवास दिये जाने का विरोध किया गया था. साथ ही कहा गया था कि पीएम आवास के निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपए अपर्याप्त है.

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सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर नहीं देखा – दीपिका पांडेय सिंह

यह पूछे जाने पर कि सुप्रीम कोर्ट ने जनता को बैठे-बिठाये रुपए दिये जाने की निंदा की है, झारखंड सरकार की मंत्री ने कहा कि उन्होंने अब तक ऑर्डर को नहीं देखा है. उन्होंने कहा, ‘अभी तक मैंने इसे देखा नहीं है. इसे कौन, किस तरह से इंटरप्रेट कर रहा है, इसका बहुत फर्क पड़ता है. इतना जरूर कहूंगी कि चुनाव के वक्त अगर कोई रुपए देने की बात कहता है, तो यह गलत है. कैबिनेट में फैसला लेकर महिलाओं को सशक्त बनाने की कोशिश कहीं से गलत नहीं है.’

‘बिजली बिल माफी, मंईयां सम्मान योजना जनकल्याणकारी योजना’

दीपिका पांडेय सिंह ने आवास योजना या फिर बिजली बिल माफी योजना को सरकार द्वारा जनहित में उठाया गया कदम बताया. मंईयां सम्मान योजना को महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार की पहल करार दिया.

के राजू को झारखंड का प्रभारी बनाये जाने पर बधाई

झारखंड सरकार की मंत्री ने के राजू को झारखंड कांग्रेस का प्रभारी बनाये जाने पर बधाई दी. कहा कि उन्हें विकास कार्यों का काफी अनुभव है. निश्चित रूप से यह झारखंड राज्य और कांग्रेस को आगे ले जाने में मददगार साबित होगा.

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दीपिका समेत 6 लोगों के बयान दर्ज

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में सभी आरोपियों के शनिवार को बयान दर्ज किये गये. सभी आरोपियों ने एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में बारी-बारी से अपना बयान दर्ज कराया. विशेष न्यायाधीश सह एसडीजेएम मोहित चौधरी के सभी आरोपियों से पूछा कि उन्हें इस केस में क्यों फंसाया गया, जिस पर सभी ने कहा कि उन्हें इस केस में झूठा फंसाया गया है. केस में अभियोजन पक्ष अब तक 12 गवाहों को पेश कर चुका है. बचाव पक्ष से कहा गया है कि आप चाहें, तो 1 मार्च को अपने गवाह ला सकते हैं.

2017 में इन धाराओं के तहत दर्ज हुई थी प्राथमिकी

यह मामला वर्ष 2017 का है. क्षेत्र भ्रमण के दौरान महगामा में सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति के घायल होने के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर दी थी. इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष के रूप में दीपिका पांडेय सिंह घटनास्थल पर पहुंचीं थीं. मामले में थाना कांड संख्या 72/2017 में भादवि की धारा 147, 149, 353, 332, 427, 283, 504, 506 एवं 120 बी के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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