संवाददाता, दुमका. पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को पुनर्स्थापित करने तथा ग्राम सभाओं में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग को लेकर दामिन महिला अधिकार संघ, दुमका ने सोमवार को उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा. संघ ने जिला प्रशासन से पेसा नियमावली के प्रावधानों को धरातल पर लागू करने के लिए आवश्यक पहल करने की मांग की.
2 जनवरी 2026 को अधिसूचित हुई पेसा नियमावली
संघ ने मांग पत्र में कहा है कि भारत सरकार ने पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) को अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों एवं अन्य समुदायों की पारंपरिक, रूढ़िगत और स्थानीय स्वशासन व्यवस्था को मान्यता देने के उद्देश्य से लागू किया है. इसके बाद झारखंड सरकार ने पेसा नियमावली तैयार कर 2 जनवरी 2026 को अधिसूचित की है.
संघ के सदस्यों का कहना है कि नियमावली अधिसूचित होने के बाद जिला एवं प्रखंड स्तर के संबंधित विभागों और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी एवं अन्य समुदायों को उनके अधिकारों की जानकारी दी जाए. साथ ही पेसा नियमावली का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए.
ग्राम सभाओं को अधिकारों की जानकारी देने की मांग
दामिन महिला अधिकार संघ ने पेसा नियमावली का सरल एवं सामान्य भाषा में अनुवाद कर आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है. संघ ने अनुसूचित क्षेत्रों में नियमानुसार ग्राम सभाओं का पुनर्गठन कर उन्हें अधिसूचित करने तथा ग्राम सभाओं को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने की भी अपील की है.
संघ का कहना है कि पेसा नियमावली के तहत ग्राम सभाओं को मिले अधिकारों का वास्तविक क्रियान्वयन ग्राम सभा के स्तर पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए. ग्राम सभा को मजबूत किए बिना पेसा कानून के उद्देश्य को धरातल पर उतारना संभव नहीं है.
ग्राम सभाओं में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी पर जोर
संघ ने ग्राम सभाओं के पुनर्गठन के दौरान मतदाता सूची के आधार पर महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है. संघ के अनुसार, स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी जरूरी है. इससे ग्राम सभा के निर्णयों में महिलाओं की आवाज और उनकी जरूरतों को उचित स्थान मिल सकेगा.
जिला स्तरीय क्रियान्वयन योजना बनाने की मांग
संघ ने पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय क्रियान्वयन योजना तैयार करने और उसके अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है.
संघ का कहना है कि पेसा कानून महज एक कानूनी प्रावधान नहीं है, बल्कि अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों के जल, जंगल, जमीन, प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय स्वशासन से जुड़े अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है. ग्राम सभाओं को सशक्त किए बिना पेसा कानून के वास्तविक उद्देश्य को पूरा नहीं किया जा सकता.
संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी करने की अपील
दामिन महिला अधिकार संघ ने जिला प्रशासन से पेसा नियमावली के प्रावधानों को धरातल पर लागू करने के लिए संबंधित विभागों और पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है. साथ ही ग्राम सभाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की.
मांग पत्र सौंपने वालों में संघ की कोर कमिटी की सोनावती हांसदा, रोजबीन मरांडी, ललिता किस्कू, संझली टुडू, अंजूता सोरेन और सुरुजमुनी सोरेन समेत अन्य सदस्य शामिल थीं.
