तीन दिनों में समाधान नहीं होने पर बच्चों का मिड डे मील होगा बंद
दो ही शिक्षक ों के द्वारा संचालित हो रही कक्षा पांच से आठ की पढ़ाई
हरिपुर. पांडेश्वर ब्लॉक के बहुला हिंदी जूनियर हाइ स्कूल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. लेकिन जल संकट काफी गहरा गया है. तीन-चार दिनों में इसके समाधान की पहल न हुयी तो स्कूली बच्चों का दोपहर का भोजन मिलना बंद हो जायेगा. स्थानीय निवासियों में इन समस्याओं से काफी आक्र ोश है. जिनके बच्चे इस स्कूल में शिक्षाग्रहण करते हैं, वे गार्जियन बहुत चिंतित हैं.
गाजिर्यन दीपक साव, उमेश पासवान और राजू दास आदि ने बताया कि उनके बच्चे इस स्कूल में पढ़ाई करतें है. इस स्कूल में 126 बच्चे हैं. स्कूल भवन जरूरत के अनुसार नहीं है. 126 बच्चों पर दो ही शिक्षक हैं. वह भी गेस्ट शिक्षक. कोई स्थायी शिक्षक नही है. पांचवी से लेकर आठवीं तक की पढ़ाई होती है. पढ़ाई के लिए चार कक्षाएं चाहिए, लेकिन वर्ष 2012 से स्कूल शुरू हहोने के बाद भी दो ही कक्षा रूम है. जब बच्चे बढ़ने लगे तो स्कूल को वहां से मोती बाजार शिव मंदिर के पास हिंदी जूनियर हाइ स्कूल के साथ जोड़ दिया गया.
वहां दो गेस्ट शिक्षक स्कूल चला रहे है. यहां पहले से ही 150 बच्चे हैं. सभी का मिड डे मील एक साथ बनता है. यहां बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण स्कूल में कई समस्याएं शुरू हो गयी हैं. पढ़ाई- लिखाई पर इसका असर पड़ रहा है. शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों का कोर्स पूरा नहीं हो पाता है, तत्काल बहुला हिंदी जूनियर हाइ स्कूल में पीने की पानी के कारण बच्चें दोपहर का भोजन नही कर पाते हैं. भोजन के बाद जूठा बर्तन धोना मुश्किल हो जाता है, इसलिए बच्चे भूखे रहने को विवश हैं.
स्कूल के शिक्षक प्रभारी विधानचंद्र राय ने कहा कि पानी के लिए स्कूल का कुआं है.जिसमें पंप लगा है, मोटर चलाकर पानी बाहर निकाला जाता है. लेकिन कुछ दिनों से कुआं का जल स्तर काफी नीचे चला गया है, जिसके कारण पंप भी काम नही कर रहा है. पीएचइडी के पानी का कनेक्शन भी है, लेकिन उससे सप्लाइ स्कूल समय पर नहीं होती है. घटना की जानकारी ब्लॉक में अधिकारियों को दी गयी है. यदि पानी की समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो स्कूल में मिड डे मील बंद हो जायेगा.
स्कूल एसआइ सुमित कुमार राय ने कहा कि स्कूल में शिक्षक के लिए एसएससी को लिखा गया है. नई नियुक्ति होते ही शिक्षक मिल जायेंगे. दो और कक्षा भवन जल्द बनाये जायेंगे. पानी की समस्या के लिए एक दो दिन के अंदर ही स्कूल का दौरा करने जा रहे हैं.
