रोष. छह माह से वेतन नहीं मिलने पर सदर अस्पताल के कर्मचारियों ने दिया धरना, कहा
दुमका : सदर अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों ने छह महीने से वेतन का भुगतान नहीं होने पर पूर्व में दी गयी चेतावनी के अनुरूप मंगलवार को कार्य बहिष्कार जारी रखा तथा धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ अपने आक्रोश का इजहार किया. कर्मचारियों ने कहा कि इस सांकेतिक व एक दिवसीय कार्य बहिष्कार के बावजूद 25 मार्च तक वेतन भुगतान नहीं किया गया, तो बाध्य होकर आंदोलन किया जायेगा. धरना-प्रदर्शन में जोस्फीन मरांडी, सोजनील टुडू, वीणा गाड़ी, रुबी कुमारी, अजय सिंह, जितेंद्र सिंह, प्राण मोहन मुर्मू, भोला सिंह, साधु गोरायं, तपन ठाकुर, सुभाष मंडल, अजितेश राय, कैलाश प्रसाद आदि उपस्थित रहे.
मुख्य द्वार पर डटे रहे स्वास्थ्यकर्मी
सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर सुबह से लेकर शाम तक सैकड़ों स्वास्थ्यकर्मी तथा झारखंड राज्य चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के नेता चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन भुगतान की मांग को लेकर डटे रहे. आंदोलन चलता देख कई मरीज को तो परिजन अस्पताल में भर्ती कराने की बजाय मजबूरीवश निजी क्लिनिक लेते गये.
मरीजों व उनके परिजनों को हुई परेशानी
कहा, वेतन ही नहीं मिला तो कैसे चलेगा परिवार
कर्मचारियों का कहना था कि जब हर महीने समय पर वेतन ही नहीं मिले तो परिवार कैसे चलेगा. झारखंड राज्य चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की उपाध्यक्ष जोस्फीन मरांडी ने बताया कि छह महीने से वेतन न मिलने से अधिकांश कर्मियों के समक्ष भुखमरी की नौबत आ गयी है. बच्चों का स्कूल में नामांकन तक कराना मुश्किल हो गया है.
बंद रही आउटडोर सेवाएं, स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित
कर्मचारी संगठन की ओर से दावा किया गया कि विभाग के रवैये के विरोध में सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही. आउटडोर सेवा जहां बंद रही. केवल इमरजेंसी सेवाएं ही चालू थी. सदर अस्पताल के डाॅक्टरों ने भी इस कार्य बहिष्कार के आंदोलन में साथ दिया तथा खुद भी चिकित्सीय कार्य से खुद को अलग रखा.
