पुराना अस्पताल परिसर बना नशेड़ियों का अड्डा
स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी
दुमका : शहर के बीचोंबीच स्थित पुराना सदर अस्पताल वर्तमान समय में असमाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है. यहां हरदिन दर्जनों नशेड़ियों-उच्चकों व असामाजिक तत्वों का जमावड़ा देखा जा सकता है. शाम के वक्त नशा करने के लिए ऐसे युवकों की जमघट यहां अक्सर रहती है. पुराना सदर अस्पताल के सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष नशीली दवा की करीब 5 सौ से अधिक खाली बोतलें बिखरी पड़ी हुई हैं. अस्पताल के आस-पास रहने वाले लोगों ने बताया कि अस्पताल परिसर में नशीली दवाईयों की खाली इधर-उधर खूब बिखरी रहती है. मेडिकल दुकानदारों ने बताया कि जो सिरप युवा इस्तेमाल करते हैं,
वह प्रतिबंद्धित दवा है. इसमें अन्य नशीली दवाओं की तुलना में अधिक निकोटीन की मात्रा होती है. जिससे एक आदमी पूरे दिन में करीब 7 घंटा तक नशे की हालत में रहता है. लगातार ऐसी नशीली दवा का सेवन करने से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है. उस मनुष्य में सोचने-समझने की शक्ति पूरी तरह खत्म हो सकती है.
