बासुकिनाथ : भगवान शिव एवं माता पार्वती के विवाह में परंपरागत रस्म का ध्यान रखा जा रहा है. इसके लिए मंदिर प्रभारी श्री दास ने कर्मियों को आवश्यक निर्देश भी दिया गया. परंपरागत रस्म का ध्यान रखने की बात कही. मंदिर पूर्वी गेट से ही भोलेनाथ का हाथी मंदिर प्रांगण में प्रवेश करता है. बाबा फौजदारीनाथ के प्रतीकात्मक त्रिशूल को हाथी के पीठ पर बैठाकर नगर भ्रमण कराया जाता है. महाशिवरात्रि पर इस अलौकिक दृश्य का एक झलक पाने के लिए मंदिर प्रांगण में हजारों लोगों की भीड जुटी रहती है. सुरक्षा के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण एवं छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखा जा रहा है.
परंपरागत रस्मों का ध्यान रखने का निर्देश
बासुकिनाथ : भगवान शिव एवं माता पार्वती के विवाह में परंपरागत रस्म का ध्यान रखा जा रहा है. इसके लिए मंदिर प्रभारी श्री दास ने कर्मियों को आवश्यक निर्देश भी दिया गया. परंपरागत रस्म का ध्यान रखने की बात कही. मंदिर पूर्वी गेट से ही भोलेनाथ का हाथी मंदिर प्रांगण में प्रवेश करता है. बाबा […]
