भक्तों ने एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर चॉकलेट बांटे
गाजे बाजे के साथ भक्त नाचते गाते कथा स्थल से शिवगंगा तक पहुंचे
बासुकिनाथ : श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के अंतिम दिन बुधवार को ठेकचाघोंघा पंचायत के बलाथर गांव में भागवत कथा समापन पर कलश विसर्जन यात्रा निकली. महिलाओं ने कलश लेकर जयकारे लगाते हुए बासुकिनाथ शिवगंगा में विसर्जन किया. भक्तों ने एक दूसरे को बीर गुलाल लगाकर चॉकलेट बांटा. गाजे बाजे के साथ भक्तों ने नाचते गाते कथा स्थल से शिवगंगा तक पहुंचा. उससे पूर्व भक्तों ने भागवतरूपी कथा के भक्ति सागर में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया.
कथा व्यास आचार्य फणिभूषण पाठक ने कहा कि श्रीमद्भागवत को प्रणाम करने मात्र करने से सम्पूर्ण दु:खों का समन हो जाता है तथा संकीर्तन करने से सम्पूर्ण पापों का नाश हो जाता है. इस संसार में अपना कुछ भी नहीं है. जो कुछ है वह भगवान का ही है. अगर मनुष्य भगवान के सिवाय किसी को भी अपना मान ले तो उनका भूल है. संसार सर्वथा मिलता हुआ दिखता तो भी अपने नहीं है.
