पहाड़ियाें की अनदेखी करना बंद करे सरकार

कार्यक्रम. तिलका मांझी के शहादत दिवस पर पहाड़ियाें ने की आमसभा व निकाली रैली, बाेले मुक्ति सेना के अध्यक्ष संतालपरगना के वनभूमि पर पहाड़िया को वनभूमि पट‍्टा दिया जाय दुमका : पहाड़िया मुक्ति सेना द्वारा तिलका मांझी के शहादत दिवस पर आमसभा का आयोजन किया गया. तत्पश्चात रैली के रूप में गांधी मैदान से निकलकर […]

कार्यक्रम. तिलका मांझी के शहादत दिवस पर पहाड़ियाें ने की आमसभा व निकाली रैली, बाेले मुक्ति सेना के अध्यक्ष

संतालपरगना के वनभूमि पर पहाड़िया को वनभूमि पट‍्टा दिया जाय
दुमका : पहाड़िया मुक्ति सेना द्वारा तिलका मांझी के शहादत दिवस पर आमसभा का आयोजन किया गया. तत्पश्चात रैली के रूप में गांधी मैदान से निकलकर तिलका मांझी चौक पहुंचकर तिलका मांझी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आयुक्त को पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा. आमसभा में अध्यक्ष विरेंद्र पहाड़िया ने कहा कि यहां बाहर से आये लोगों का विकास तो हो रहा है पर आदिकाल से बसे पहाड़िया आज भी उपेक्षित है. मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा माल पहाड़िया और सौरिया पहाड़िया का मूल संस्कृति पहचान को मिटाने के लिए सभी तरह के पहाड़िया को सिर्फ पहाड़िया के नाम से जाति प्रमाण पत्र देने का आदेश जारी किया जा रहा है. सरकार समाज की अनदेखी करना बंद करे. सचिव गयालाल देहरी ने कहा कि पहाड़िया के विकास की नहीं बचाव की जरूरत है.
पहाड़िया कहीं दुष्कर्म के शिकार हो रहे हैं तो कहीं उसे गोली मार दी जाती है. कहा कि पहाड़िया के लिए अलग से पहाड़िया संबंधित प्रशासनिक अधिकार पहाड़ियाओं को सौंपनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पहाड़िया मुक्ति सेना वन अधिनियम 2006 के तहत संतालपरगना के वनभूमि पर पहाड़िया को वनभूमि पट‍्टा देने, पहाड़ियाओं के विकास के लिए श्रृजित की गयी विशिष्ट पदाधिकारी पहाड़िया कल्याण का पद तथा पहाड़िया कल्याण शाखा को यथावत रखने, पूर्व की तरह जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने की मांग करती है.
प्रत्येक पहाड़ियों के लिए अलग-अलग निर्गत हो जाति प्रमाण पत्र, बंद हो पहाड़ियों पर अत्याचार

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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