झोपड़ीनुमा कार्यालय को जलाने का था आरोप, संदेह का मिला लाभ
सूचक सहित आठ गवाहों का लिया गया था बयान
दुमका : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय रिजवान अहमद के न्यायालय ने शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के चितरागड़िया खदान क्षेत्र में शेख किबरिया, प्रधान हांसदा के दामपाद, भंडारी एवं राजेश मिस्त्री के झोपड़ीनुमा कार्यालय को आग के हवाले कर दहशत फैलाने के आरोप में गैर प्राथमिक अभियुक्त नक्सली जेम्स मुर्मू को संदेह लाभ देते हुए बरी कर दिया गया. जेम्स फिलहाल जेल में है. उस पर दर्ज करीब अन्य आधे दर्जन मामले चल रहे हैं. लिहाजा वह अभी जेल में ही रहेगा.
शिकारीपाड़ा थाना में 2013 में भादवि की दफा 436 के तहत तत्कालीन थाना प्रभारी रामप्रवेश कुमार ने अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी. क्रम में अनुसंधानकर्ता ने जेम्स की संलिप्तता सपायी थी. मामले में अनुसंधानकर्ता, सूचक सहित आठ गवाहों का बयान हुआ था. कोर्ट ने अनुसंधानकर्ता और दो स्वतंत्र गवाहों का भी परीक्षण किया था. बचाव पक्ष की ओर से सैयद हसन सनोवर ने तथा सरकार की ओर से एपीपी अजय कुमार साह ने मुकदमें की पैरवी की.
