आम आदमी पार्टी का राज्यस्तरीय सम्मेलन. भाजपा सरकार पर बरसे संजीव झा, कहा
केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर हमला करते हुए उसे गरीबों का विरोधी बताया. वहीं संगठन मजबूती को लेकर भी दिशा-निर्देश दिये.
आदिवासियों की बदहाली के लिये वर्तमान सरकार व आदिवासी नेता जिम्मेवार
तीन साल पहले भोपाल में बनेगा एम्स सिर्फ घोषणा ही रह गयी
दुमका : आम आदमी पार्टी का राज्यस्तरीय जिला सम्मेलन दुमका के इंडोर स्टेडियम में हुआ, जिसमें पूरे राज्य के नेताओं ने संगठन को गांव-गांव-प्रत्येक बूथ तक पहुंचाने की रणनीति बनायी. इसके लिए विधानसभा क्षेत्रों के अनुरूप कई को विशेष दायित्व भी सौंपे गये. झारखंड प्रभारी संजीव झा ने सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वायब्रेंट गुजरात के बाद अब मोमेंटम झारखंड यह बताता है कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों के लिये एजेंट का काम कर रही है. हजारों करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं. पर उसका परिणाम नहीं दिख रहा. 400 एमओयू हुए, पर कितने उद्योग लगे, यह सबको पता है.
उन्होंने इस क्षेत्र की बदहाली के लिए सत्ता में रहे यहां के आदिवासी नेताओं को भी जिम्मेदार बताया. कहा कि यहां के आदिवासी नेताओं ने ही राज्य को लूटा है. आज कोई विपक्ष में नहीं है, सब पक्ष में हैं. जनता को ही यहां विपक्ष में खड़ा होना होगा, तभी राज्य की स्थिति बदलेगी. संजीव झा ने कहा कि आम आदमी पार्टी पूरे प्रदेश में विस्थापन के मुद्दे पर लड़ाई लड़ेगी.
गोड्डा के किसानों की लड़ाई की अगुआई भी आप करने को तैयार हैं. ललमटिया खदान हादसे में सरकार ने केवल मुआवजा देकर अफसोस जता इतिश्री कर ली है. खान सुरक्षा को मजबूत करने की वजाय उसे फिर नजरअंदाज कर दिया गया. खान सुरक्षा की खामियों के चलते बड़ी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रही हैं. उन्होंने कहा कि सड़क पर किसान अपनी उपज फेंक रहे हैं और सरकार कह रही कि उनकी आमदनी दुगुनी करेंगे. किसानों की आमदनी पहले सरकार पता करे और किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य दिलाये.
एम्स खुल रहा, पर रिम्स की हालत खराब
संजीव झा ने कहा कि राज्य में रिम्स है. उसकी स्थिति सरकार दुरुस्त नहीं कर पा रही है. इस बजट में देवघर में एम्स खोलने की घोषणा की गयी है, पर यह नहीं बताया कि यह कब तक चालू हो जायेगा. भोपाल में तीन साल पहले एम्स की घोषणा हुई थी. वहां की जनता के लिए यह केवल घोषणा ही साबित हुई थी.
झूठ बोल रहे रघुवर, नहीं हुआ कोई गांव कैशलेस
झारखंड प्रभारी संजीव झा ने बताया कि नोटबंदी से परेशान हुए तो गरीब, किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय लोग. कालाधन रखने वाला या कोई अमर इससे प्रभावित नहीं हुआ. यह केवल पीएम के चुनावी जुमले की तरह ही साबित हुआ. सीएम रघुवर दास ने कुछ गांवों के कैशलेस होने की घोषणा की, पर वह झूठ के अलावा कुछ नहीं था.
सत्ताधारी दल व अफसरों की मिलीभगत
सत्ताधारी दल व अफसरों की मिलीभगत से हो संताल परगना के विभिन्न इलाकों में अवैध पत्थर उत्खनन हो रहे हैं. बेरोकटोक पत्थर की तस्करी की जा रही है. धड़ल्ले से अवैध तरीके से पत्थर उत्खनन पर उन्होंने चिंता भी जतायी.
