रेफरल अस्पताल के सहारे उपराजधानी के लोगों की चिकित्सा व्यवस्था
कई खूबसूरत भवन बने, पर सुविधाएं नहीं
आइसीयू वार्ड है, लेकिन कार्डियक स्पेशलिस्ट नहीं
दुमका : उपराजधानी दुमका में चिकित्सा व्यवस्था के नाम पर एक के बाद एक खूबसूरत भवन बन रहे हैं, पर चिकित्सा सुविधा को दुरुस्त करने की अब तक ठोस पहल नहीं हुई है. यह अस्पताल ऐसा है, जहां की स्थिति सुधारने की बात विभाग के वरीय अधिकारी ही नहीं मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक करते रहे हैं, लेकिन स्थिति बदल नहीं रही. आज भी यह अस्पताल ऐसा है, जहां हाथ की हड्डी टूट गयी, तो मरीज को रेफर होना पड़ता है.
मशीन है, पर रेडियोलोजिस्ट के अभाव में अल्ट्रासोनोग्राफी हो नहीं सकती. आइसीयू वार्ड है, लेकिन कार्डियक स्पेशलिस्ट नहीं है. एनेस्थेटिस्ट स्पेशलिस्ट का पद खाली पड़ा है. गायनाक्लोजिस्ट के पद भी लंबे अरसे से खाली पड़े हुए हैं. कुछ इन्हीं कारणों से यह उत्क्रमित सदर अस्पताल महज रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है.
