दुमका : यदि आपकी सांसों में दुर्गंध है. मसूड़ों में सूजन है या फिर दांत में कनकनाहट का अहसास होता है, तो यह आपकी दांतों की बीमारी के आरंभिक लक्षण हैं. ये लक्षण आप अगर महसूस कर रहे हों तो दंत रोग विशेषज्ञ से अवश्य परामर्श लें. दांत के दर्द को भी कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए. उक्त परामर्श रविवार को प्रभात खबर दुमका में आयोजित प्रभात चर्चा कार्यक्रम में जाने-माने दंत चिकित्सक डॉ राजेश रौशन ने कही. डॉ रौशन ने कहा कि अक्सर दांत की तकलीफ या दर्द को लोग हलके में लेते हैं.
नजरअंदाज करते हैं. तकलीफ ज्यादा होती है, तब दर्द की दवा खा लेते हैं. यह घातक हो सकता है. दांत में दर्द हो, मसूड़ों में सूजन हो या फिर सांस में दुर्गंध हो तो यह दांत से संबंधित बीमारियों के लक्षण हैं. उन्होंने बताया कि दरअसल जब दांत की हम अच्छे ढंग से सफाई नहीं करते, तो दांत के चारों ओर गंदगी जमा हो जाती है और यही गंदगी मिनरल्स में तब्दील हो जाता है,
जो दांत की मजबूती को कम ही नहीं करता, बल्कि मसूड़े और जबड़े के बीच ‘गैप’ तैयार कर देता है. मंसूड़ों से खून बहने लगते हैं. सूजन हो जाता है और कई तरह की दूसरी परेशानियां पैदा होने लगती है. इसी ‘गैप’ में फूड पार्टिकल्स’ जमकर मंसूड़ों व जबड़े की हड्डी को प्रभावित करने लगता है. ऐसे में एक्स रे करवाकर और दांत की स्थिति का पता लगाकर सही ट्रीटमेंट न कराया गया, तो उस दांत को निकलवाना मजबूरी बन सकती है. एपेक्स इंज्यूरी नहीं रही, तो समय रहते उपचार कराकर ऐसे दांत को आसानी से आरसीटी से बचाया जा सकता है.
