ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के अनुरूप बने योजनाएं
लापरवाही करने वाले कोई भी हों नपेंगे : आयुक्त
दुमका : राज्य के मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कहा है कि किसी भी क्षेत्र की योजनाएं उस क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की आवश्यकताओं और उनकी प्राथमिकताओं को देखकर ही बनायी जानी चाहिए. दुमका के इंडोर स्टेडियम में योजना बनाओ पर आयोजित प्रमंडलस्तरीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री त्रिपाठी ने कहा कि हम अपने ग्रामीणों के अनुभव और उनकी चेतना पर भरोसा करें. उनकी प्राथमिकताओं के अनुरुप उनकी योजना को सम्मान दें.
सरकार के कार्यक्रम हमारी योजना हमारा विकास और योजना बनाओ अभियान का यही ध्येय है. राज्य के 54 लाख ग्रामीण परिवारों के विकास की बात है और कम से कम 20 हजार युवको के कौशल विकास की बात है. स्वयं मुख्य मंत्री, मंत्री तथा वरीय पदाधिकारी से वरीय अधिकारी भी पंचायतों में जायेंगे. मनरेगा आयुक्त ने कहा कि जीरो टॉलरेंस की नीति रहेगी. लापरवाही करने वाले नप जायेंगे.
अवसर पर दुमका के उपविकास आयुक्त चितरंजन कुमार सहित अन्य जिलों के उप विकास आयुक्त ने भी अपने विचार रखे. साथ ही सभी बीडीओ ने अपनी कार्य योजना और कठिनाइयों के संबंध में अपनी बातों से अवगत कराया. कार्यक्रम का संचालन चंद्रशेखर पांडेय ने किया. कार्यशाला में संताल परगना के सभी प्रखंडों के बीडीओ पंचायती राज पदाधिकारी एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे.
कृषि की सफलता व विफलता वर्षा पर निर्भर : डीसी
डीसी राहुल कुमार सिन्हा ने 6 जिलों के उप विकास आयुक्त एवं सभी प्रखंडों के बीडीओ एवं अन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की सफलता या विफलता वर्षा पर निर्भर है. ऐसे में ग्रामीणों के बीच उनकी योजनाओं से हम उनकी अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दे सकते हैं. कहा कि जनता के लिए जनता के द्वारा शासन तभी फलीभूत होगा जब जनता अपनी जरुरतों के अनुरुप खुद अपनी योजना बनाये और उसे लागू करने में भी भागीदार बने.
