पोकलेन से बालू का उठाव किये जाने पर विरोध डीसी से मिले ग्रामीण, कहा अपने ही गांव नदीघाट पर नहीं मिल रहा काम संवाददाता, दुमकाजिले के नोनीहाट-जरमुंडी इलाके के रहने वाले लोगों ने नियम की अवहेलना कर नदी घाट से बालू का उठाव करने तथा स्थानीय मजदूरों को रोजगार का अवसर प्रदान नहीं करने का आरोप लगाते हुए विरोध तेज कर दिया है. दर्जनों लोगों ने एक चार सूत्री ज्ञापन को लेकर उपायुक्त से फरियाद लगायी और पोकलेन और जेसीबी लगाकर बालू के उठाव किये जाने पर रोक लगाने का अनुरोध किया. आवेदकों का कहना था कि झारखंड लघु खनिज समुदान नियमावली को ताक पर रखा जा रहा है. नियमावली के भाग 3 की कंडिका 9 में कहा गया है कि स्थानीय मजदूर उपलब्ध रहेंगे, तो बालू का उठाव का कार्य किसी भी प्रकार के मशीन से नहीं बल्कि स्थानीय मजदूर से ही करवाया जायेगा, ताकि उनको रोजगार मिल सके. लोगों ने कहा कि घाटों पर मशीन से बालू का उठाव किया जा रहा है तथा काम मांगने पर मजदूरों की अनदेखी की जाती है. क्षेत्र के दलहा घाट, मोतिहारा पुल घाट, ठेकचा घाट पर ऐसी समस्याओं का जिक्र ग्रामीणों ने किया है. उनका आरोप यह भी है कि मशीन से बालू उठाव किये जाने की वजह से जल का स्तर भी नीचे जा रहा है और पानी की कमी से फसल भी प्रभावित हो रही है. नदी के उपरी सतर से 3 मीटर की बजाय 25 फीट तक गहरा कुआं खोदकर बालू उठवाया जा रहा है. पुल-पुलिया, इनटेक वेल की दूरी का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा. नोनीहाट-बासुकिनाथ मुख्य पथ के चंद मीटर दूरी से बालू का उठाव हो रहा है. कच्चे रसीद देकर राजस्व वसूली में भी गड़बड़ी की बात कही गयी है. ज्ञापन में सनाथ लायक, रावण मरीक, मोहन चौधरी, श्रीकांत लायक, टुनटुन चौधरी, सनातन चालक, कुमोद चौधरी, उमेश चौधरी, निवास चालक, गुरु प्रसाद लायक, अवधेश चौधरी आदि के हस्ताक्षर हैं……………….फोटो120/121……………..विरोध प्रकट करते ग्रामीण तथा डीसी के आवास पर ज्ञापन देने पहुंचे लोग.
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पोकलेन से बालू का उठाव किये जाने पर विरोध डीसी से मिले ग्रामीण, कहा अपने ही गांव नदीघाट पर नहीं मिल रहा काम संवाददाता, दुमकाजिले के नोनीहाट-जरमुंडी इलाके के रहने वाले लोगों ने नियम की अवहेलना कर नदी घाट से बालू का उठाव करने तथा स्थानीय मजदूरों को रोजगार का अवसर प्रदान नहीं करने का […]
