ओके… बंजर भूमि में भी लहलहाने लगी हरियाली -जोडभीठा गांव के किसान लीलू हेंब्रम ने कठिन परिश्रम से दो एकड़ बंजर भूमि में सब्जी उपजाकर बनायी पहचानफोटो : 15 जाम 20,21जामताड़ा : इरादा पक्का हो तो व्यक्ति अपने लक्ष्य को निश्चित हासिल कर सकता है. यह कहना है जामताड़ा प्रखंड के जोडभीठा गांव के किसान लीलू हेम्ब्रम का. जिन्होंने कठिन परिश्रम व अथक प्रयास से दो एकड़ बंजर जमीन में बंदा गोबी व टमाटर सहित अन्य सब्जी लगाकर आस-पास के गांवों में एक अच्छे किसान के रूप में पहचान बनायी है. श्री हेम्ब्रम ने बताया कि खेती करने में उन्हें बहुत आनंद आता है. हर एक किसान को इस महंगाई के समय में आधुनिक तरीके से खेती करने की जरूरत है. जिससे फसल की अच्छी उपज हो सके और किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें. श्री सिंह ने बताया कि यहां एक भी सिंचाई कूप नहीं है. कुछ दूरी में एक जोरिया है. जिससे पटवन करने में काफी परेशानी होती है. सिंचाई की सुविधा नहीं है. अपना मशीन नहीं रहने के कारण भाड़े पर मशीन लाना पड़ता है. आज उनके मेहनत का परिणाम है कि जमीन में फसल लहलहा रही है. बताया कि पटवन में ज्यादा खर्च होता है. लेकिन लहलहाते फसल को देखकर सब चिंताएं दूर हो जाती है. अगर सरकार द्वारा यहां सिंचाई की समुचित व्यवस्था कर दी जाय तो कई किसानों को फायदा होगा और वे खेती के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकेंगे. उन्होंने बताया कि सब्जी बेचने के लिए हमलोग जामताड़ा जाते हैं. लेकिन बेचने के लिए जगह नहीं रहने के कारण कम दाम में व्यापारियों को सब्जी बेच देते हैं. उन्होंने जिला प्रशासन व कृषि विभाग से यहां सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है. क्या कहते है अधिकारीजिला कृषि पदाधिकारी सबन गुडिया ने कहा कि मेहनत करने वाले किसानों को आगे लाने के लिए मैं हमेशा प्रयासरत रहता हूं. कहा कि किसान से मिलकर आगे लाने का प्रयास किया जायेगा. सिंचाई की व्यवस्था जल्द ही उपलब्ध करा दी जायेगी. उस गांव में पहुंचकर कैंप लागया जायेगा और आस-पास के सभी किसानों को खेती करने की जानकारी दी जायेगी.
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