दुमका : बाल सखा, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से बाल संरक्षण, सुरक्षा तथा बच्चों के अधिकार को मुद्दा मानकर उसके निदान के लिए एक कार्यशाला रेड क्रॉस भवन में आयोजित की गयी. जिसे संबोधित करते हुए रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव अमरेंद्र कुमार यादव ने मुक्त कराये गये बच्चे के पुनर्वासन पर विस्तृत चर्चा की.
उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों का पुनर्वासन प्राथमिकता के अनुसार होनी चाहिए एवं उन्हें आर्थिक रूप से सबल करने के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए. उन्होंने तमाम विभागों के अधिकारियों से आग्रह किया कि वे पुनर्वासन में सहयोग करें. ऐसे बच्चों के सुरक्षा एवं संरक्षण की दिशा में समाज से भी उन्होंने आगे आने की अपील की.
स्वयंसेवी संस्था मानवी की सचिव अन्नू ने दुमका में बाल गृह खोले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया. वहीं जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रकाश चंद्र ने लोगों से आह्वान किया कि बच्चों के अधिकार, सुरक्षा व संरक्षण के प्रति लोग सजग बने तथा उन्हें भी निखारने व आगे बढ़ने का मौका दें. श्री चंद्र ने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम न लें तथा बाल विवाह का प्रतिकार कर उन्हें बढ़ने के लिए समुचित अवसर प्रदान करें.
