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खेड़बोना के पास द्वारिका नदी पर पुल निर्माण की मांग// पुल के अभाव में अतिरिक्त 30 किमी की दूरी तय करने को मजबूर हैं ग्रामीण प्रतिनिधि, शिकारीपाड़ाशिकारीपाड़ा प्रखंड के बांकीजोर पंचायत अंतर्गत खेड़बोना गांव के पास द्वारिका नदी पर पुल निर्माण की मांग ग्रामीणों ने की है. द्वारिका नदी पर पुल निर्माण के लिए स्थानीय […]

खेड़बोना के पास द्वारिका नदी पर पुल निर्माण की मांग// पुल के अभाव में अतिरिक्त 30 किमी की दूरी तय करने को मजबूर हैं ग्रामीण प्रतिनिधि, शिकारीपाड़ाशिकारीपाड़ा प्रखंड के बांकीजोर पंचायत अंतर्गत खेड़बोना गांव के पास द्वारिका नदी पर पुल निर्माण की मांग ग्रामीणों ने की है. द्वारिका नदी पर पुल निर्माण के लिए स्थानीय विधायक, सांसद, मंत्री से भी आवेदन देकर मांग की गयी है. लेकिन अब तक निर्माण की दिशा में कोई पहल नहीं किये गये हैं. हां एक बार पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समय उक्त जगह पर पुल निर्माण के लिए सर्वे आदि का कार्य की गयी थी. उसके बाद पुल निर्माण का मामला ठंडे बस्ते में चला गया, जिससे अब भी लोग परेशानी का सामना करने को विवश हैं. पुल के नहीं बनने से लोगों को कंधे पर साईकिल व छोटे छोटे बच्चों को लेकर नदी पार करना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी होती है फिर भी लोग गुजारा कर लेते हैं. लेकिन लोगों की कठिनाई बरसात के दिनों में काफी बढ़ जाती है, क्योंकि उस वक्त नदी में पानी अधिक रहती है, तो लोग विभिन्न जगहों में जाने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करते हैं. सारसाजोल से सिउड़ी पुल होकर जाने में 30 किलोमीटर पड़ती है, लेकिन नदी में पानी रहने की वजह से लोगों को 60 किलोमीटर यानी 30 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है. खड़ीजोल से खेड़बोना गांव तक पक्की सड़क प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनायी गयी है. बुटवड़िया से कुलकुलीडंगाल निमार्णाधीन सड़क सारसाजोल गांव के पास खडीजोल-खेड़बोना सड़क से मिलती है. इस रास्ते बाकीजोर, सारसाजोल, भगवानपुर, पलासी, राजबांध, पर्वतपुर, सोनाढाब, कोलाईबाड़ी, रसनाला, धरमपुर, कुशबोना, शिकारीपाड़ा सहित दर्जनो गांवो के ग्रामीण विभिन्न कार्यो के लिए सैंतिया, सिउड़ी, वर्धमान आदि जगहों पर आवाजाही करते हैं. वर्तमान समय मे पश्चिम बंगाल के मुरालपुर मोकदापाड़ा तक छोटी गाड़ियां चलती है. इस क्षेत्र के ग्रामीण पैदल, साइकिल, बाइक आदि से उक्त नदी को पार कर गाड़ी से पश्चिम बंगाल के विभिन्न जगहों में आते जाते हैं.क्या कहते हैं ग्रामीण‘द्वारिका नदी पर पुल नहीं है और इससे होने वाली समस्याओं से कई बार विभागीय अधिकारियों एवं सरकार को अवगत कराया गया, लेकिन पुल निर्माण को लेकर किसी ने तत्परता नहीं दिखायी है. जिससे यहां बसने वाले लोगो को काफी परेशानी हो रही है.असीम मंडल‘द्वारिका नदी पर पुल बना दिये जाने से ग्रामीणों तथा बाहर से आने वाले सभी लोगों को इसका लाभ मिलेगा. सामान्य दिनों में परेशानी झेल लेने की आदत हो गई है, लेकिन बरसात के दिनों अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और पैसे दोनों बरबाद जाते हैं.मेराज अंसारी‘खेड़बोना गांव का यह मुख्य पथ है, जिससे हर रोज यहां से सैंकड़ों ग्रामीण विभिन्न जगहों तक जाते हैं. यहां पुल का निर्माण और सड़क का चौड़ीकरण भी करना बहुत जरूरी है, ताकि बड़ी गाड़ियां भी गांव तक पहुंच सके.सनातन हांसदा‘ग्रामीणों द्वारा पुल निर्माण के लिए इतनी बार मांग करने के बावजूद कोई सुनने वाला है. यह सरकार की उदासीनता को दर्शाता है. पुल के बन जाने से काफी लोगों को सुविधा मिलेगी और गांव भी उपेक्षित नहीं रहेगा.नारायण मंडल……………………फोटो28 शिकारीपाड़ा 1, 2, 3, 4, 5 व 61 व 2. पुल के अभाव में गाड़ी के साथ मशक्कत कर जाते लोग.3. असीम मंडल4. मेराज अंसारी5. सनातन हांसदा6. नारायण मंडल

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