… किसे है सुध, बह जा रहा हर दिन लाखों लीटर पानी संवाददाता, दुमका जिले में जल प्रबंधन को लेकर अब तक न तो जनप्रतिनिधि और न ही संबंधित प्रशासनिक महकमा ही जागरूक दिखा है. यही वजह है कि दुमका में पांच स्थानों पर आर्टिजन वेल से लाखों लीटर पानी यूं ही बहकर बरबाद हो रहा है. अगर ईमानदार कोशिश की जाय, तो इसी पानी को कम खर्च पर नाले के जरिये दूर के खेतों तक पहुंचाया जा सकता है. दुमका में एक-डेढ़ दशक से गोशाला रोड तथा लखीकुंडी में वाटर पार्क के पास दिनभर पानी बहता रहता है. लखीकुंडी में ही जब सिदो कान्हू पार्क बनाने का काम शुरू हुआ, तब वहां भी तीन बोरिंग किये गये, पर तीनों से सालों भर पानी बहता रहता है. क्या कहते हैं लोग‘‘पिछले 14-15 सालों से इसी तरह अनवरत पानी बह रहा है. इस पानी का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन प्रशासन कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा. खेतीबाड़ी को इससे बढ़ावा दिया जा सकता है.’’- शेख अकलू.‘‘आसपास का इलाका डंगाल है. लोगों के पास जमीन है, लेकिन सिंचाई के अभाव में धान के अलावा कुछ दूसरा फसल नहीं ले पाते. इस पानी को लिफ्ट करने की व्यवस्था हो जाय, तो बहुत अच्छा होगा’’नंदु मुमरू‘‘एक ओर पूरी दुनिया कह रही है कि अगला विश्वयुद्ध होगा, तो पानी के लिए. पर हम पानी को यहां बरबाद होते देख रहे हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है’’राजीव लोचन‘‘इस पानी का उपयोग खेती के अलावा पाइप लाइन से जोड़कर इलाके के लोगों को जल की आपूर्ति करने के लिए हो सकता है. प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए. हमें यह नहीं भूलना चाहिए की पानी की एक-एक बूंद कीमती है.श्रीकांत कुमार…………..फोटो29 दुमका- 4/5/6/729 दुमका- 8/ए/बी/सी/डी……………
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… किसे है सुध, बह जा रहा हर दिन लाखों लीटर पानी संवाददाता, दुमका जिले में जल प्रबंधन को लेकर अब तक न तो जनप्रतिनिधि और न ही संबंधित प्रशासनिक महकमा ही जागरूक दिखा है. यही वजह है कि दुमका में पांच स्थानों पर आर्टिजन वेल से लाखों लीटर पानी यूं ही बहकर बरबाद हो […]
