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धानभाषा के वनपाड़ा में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव प्रतिनिधि, रानीश्वर झारखंड राज्य में पंचायत चुनाव होने के पांच साल बीत जाने के बावजूद धानभाषा पंचायत अंतर्गत लाटुलिया गांव के वनपाड़ा पहाड़िया टोले में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. गांव तक बरसात के समय पहुंचने के लिए कीचड़ से भरे रास्ते से होकर गुजरना […]

धानभाषा के वनपाड़ा में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव प्रतिनिधि, रानीश्वर झारखंड राज्य में पंचायत चुनाव होने के पांच साल बीत जाने के बावजूद धानभाषा पंचायत अंतर्गत लाटुलिया गांव के वनपाड़ा पहाड़िया टोले में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. गांव तक बरसात के समय पहुंचने के लिए कीचड़ से भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है. ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए भी एक चापानल तक नसीब नहीं है. करीब तीन साल पहले यहां बिजली उपलब्ध करायी गई थी, लेकिन एक महीने में ट्रांसफॉर्मर की चोरी हो गई और तब से ग्रामीण ढिबरी युग में जी रहे हैं. गांव में 16 आदिम जनजाति पहाड़िया परिवार बासोवास कर रहे हैं, जो चापानल के नहीं रहने से कई वर्षों पहले बनाये गये कुएं का पानी पीने को बाध्य हैं. ग्रामीण मंगल सिंह व संतोष सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिलने की वजह से वे जंगल से लकड़ी काट कर बाजार में बेचते हैं और इसी से परिवार का जीवन यापन होता है. ……………………………………………फोटो 29 रानीश्वर 1 व 2 कुंएं से पेयजल के लिए पानी लेती महिलएं व कुएं का गंदा का पानी…………………………………………..

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