उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में हुई घटना
दुमका/शिकारीपाड़ा : जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र में गंधरकपुर स्कूल से चायपानी वाले रास्ते से लौट रहे सरकारी शिक्षक शिवचरण पासवान पर बम मार कर हमला किया गया है.
यह हमला उस वक्त किया गया, जब वे अपने स्कूल से लौट रहे थे. गंभीर रूप से घायल श्री पासवान को इलाज के लिए मोहुलपहाड़ी मसीही अस्पताल में भरती करवाया गया है. श्री पासवान ने शिकारीपाड़ा में ही अपना घर बनाया है. बताया जाता है कि सोमवार को वह जंगली इलाके में स्थित अपने स्कूल से लौट रहे थे कि उनपर हमला हो गया.
हमलावर कौन स्पष्ट नहीं : अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमला अपराधियों ने किया या उग्रवादियों ने. जिस इलाके में हमला हुआ है वह उग्रवाद प्रभावित है. मोहुलपहाड़ी मसीही अस्पताल में पुलिस पहुंच चुकी है. थाना प्रभारी अजय केशरी ने बताया कि पैर और हाथ में जख्म है. यह किसी बड़े बम से नहीं पटाखे से हमला किया गया है. शिक्षक का बयान सुबह लिया जायेगा.
तीन बम फेंके गये थे शिवचरण पर : मिली जानकारी के मुताबिक दूधाजोल के पुल के पास उनपर पहला बम फेंका गया जिससे उनका दायां पैर और हाथ जख्मी हो गया. वह शिक्षक हैं, यह बोल कर चिल्लाये पर अपराधी ने उनका पीछा किया और उनपर दूसरा बम फेंक दिया. वह गांव के ओर भागे तो उनपर तीसरा बम चलाया गया. वह भाग कर जंगल में छिप गये और वहां से सहयोगी शिक्षक को फोन किया जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया.
शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं पासवान : श्री पासवान झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष हैं. जिलाध्यक्ष श्याम किशोर सिंह गांधी ने इस हमले की निंदा की है और इसे शिक्षक समाज के लिए चिंता का विषय बताया है. उन्होंने कहा कि शिक्षकों से रंगदारी, ताला तोड़कर चावल का उठाव जैसी घटनाओं के बाद अब बम से हमला होना दुखद है. अगर सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करायी जायेगी, तो ऐसे में जंगली क्षेत्रों में शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षकों को स्कूल बंद कर देना पड़ेगा.
22 नवंबर को होना है पंचायत चुनाव
शिकारीपाड़ा में पहले चरण के तहत 22 नवम्बर को पंचायत चुनाव होना है और इस इलाके में नोमिनेशन भी आज से ही प्रारंभ हुआ है. इस मामले में एसपी विपुल शुक्ला ने नक्सली घटना होने से इनकार किया है. एसपी ने बताया कि अभी शिक्षक ठीक से कुछ बता नहीं रहे हैं. मंगलवार को पुलिस इसकी पूरी छानबीन करेगी, यह स्कूल या निजी दुश्मनी से जुड़ा कोई मामला हो सकता है.
