खुला पूजा पंडालों का पट

दुमका : दुमका में डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों पर पूजा पंडाल अंतिम रुप ले चुके हैं और इन पूजा पंडालों में प्रतिमायें भी लगभग तैयार की जा चुकी है. दुमका में 20 से अधिक स्थानों पर सार्वजनिक दुर्गापूजा होती है. पहली बार एलआईसी कोलोनी में भी दुर्गापूजा हो रही है. षष्ठी के अवसर पर […]

दुमका : दुमका में डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों पर पूजा पंडाल अंतिम रुप ले चुके हैं और इन पूजा पंडालों में प्रतिमायें भी लगभग तैयार की जा चुकी है. दुमका में 20 से अधिक स्थानों पर सार्वजनिक दुर्गापूजा होती है. पहली बार एलआईसी कोलोनी में भी दुर्गापूजा हो रही है.
षष्ठी के अवसर पर पूजा पंडालों में हालांकि उतनी भीड़ नहीं दिखी, लेकिन बाजार में खूब रौनक रही. पूरा बाजार मां दुर्गा की भक्ति में बज रहे गीतों से गूंजायमान रहा. बाजार क्षेत्र और पूजा पंडालों के आसपास भीड़ को नियंत्रित करने तथा वाहनों के परिचालन को डायवर्ट करने के लिए जगह जगह रोड में बैरिकैटिंग लगा दिये गये हैं. अभी भागलपुर रोड में टाटा शोरुम से टीन बाजार की ओर चौपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. इसी तरह राधा माधव मंदिर व अन्य स्थानों पर भी ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है.
शारदीय दुर्गा पूजा में आज के अनुष्ठान
20 अक्तूबर(सप्तमी प्रात: 9.43 मि तक): प्रात: 7.05 मिनट के मध्य पुन: 8.31 तक श्रीश्री शारदीय दुर्गा देवी का नव पत्रिका प्रवेश, कलश स्थापन, सप्तमी कल्पारंभ व सप्तमी पूजा आरंभ. पूजा के बाद पुष्पांजलि व बलिदान. (प्रात: 9.43 के मध्य). देवी का घोड़े पर आगमन. फल छत्रभंग तुरंगम.
शहर में तैनात किये गये सात दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल
दुमका. आस पास के जिलों में हुई सांप्रदायिक घटनाओं, आइएसआइ एवं आतंकवादी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए दर्गापूजा के अवसर पर शहर में सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त किया गया है.
शांति भंग होने की संभावना होने पर सीआरपीसी की धारा 144/107 के अंतरगत कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया गया है. विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल तैनात किया गया है. इंस्पैक्टर विष्णु प्रसाद चौधरी सशस्त्र बल एवं मजिस्ट्रेट मो जलील अहमद के साथ नगर थाना में, जबकि मजिस्ट्रेट ओम प्रकाश के साथ एसआइ दिलीप गगराइ सशस्त्र बल के साथ और एसआइ सरोज कुमार सिंह सशस्त्र बल एवं मजिस्ट्रेट सुदामा प्रसाद सिंह के साथ अलग-अलग जगहों पर शहर में गश्ती करते रहेंगे. शहर में विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए एसआइ ढेना किस्कू, मजिस्ट्रेट विनय कुमार मरांडी व सशस्त्र बल को धर्मस्थान, एएसआइ आशिष पासवान व मजिस्ट्रेट मो आकीक व सशस्त्र पुलिस बल को दुर्गास्थान, एसआइ अखिलेश्वर शर्मा, मजिस्ट्रेट वैद्यनाथ साह व सशस्त्र पुलिस बल को यज्ञ मैदान, एएसआइ देवेंद्र प्रसाद शर्मा, मजिस्ट्रेट राजेंद्र मुंडा व सशस्त्र पुलिस बल को गिलानपाड़ा में तैनात किया गया है.
वहीं एएसआइ शिव प्रसाद सिंह व सशस्त्र बल को जरूआडीह, एएसआइ ढोढा राम को सिंधी चौक, एएसआइ लीलाणर सिंह को बाबूपाड़ा, एएसआइ श्याम नारायण सिंह को कुम्हारपाड़ा, एएसआइ संदीप सिंह को दुधानी, एएसआइ जबई मरांडी को न्यूबाबूपाड़ा, एएसआइ अमीर आलम खां को कड़हरबील, एएसआइ मो चांद को रसिकपुर, एसआइ जयशंकर भगत व एएसआइ जोसेफ लकड़ा को गांधी मैदान एवं एएसआइ जोसेफ कुजुर को मोचीपाड़ा में तैनात किया गया है.
रामगढ़ : प्रखंड के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल के नाम से प्रचलित भालसुमर गांव में 200 वर्षों से दुर्गापूजा का आयोजन किया जा रहा है. कहा जाता है कि तब हंडवा स्टेट के महारानी सोनावती का शासन चलता था. किसी दिन गांव के अमृत मांझी नामक व्यक्ति को स्वप्न आया कि गोशाला के पीछे मां दुर्गा का शिलापट्ट है.
स्वप्न से व्याकुल उस व्यक्ति ने तुरंत ये सूचना गांव के गणमान्य लोगों को दी और यहां खुदाई शुरू हो गई. खुदाई के दौरान सचमुच मां का शिलापट्ट प्राप्त किया गया, तब से यह धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाने लगा और दुर्गापूजा की शुरुआत हो गई. बाद में अमृत राय के वंशज वंशी मांझी यहां के पुरोहित बने. यहां बलि प्रथा का प्रचलन है. देखते देखते पूजा स्थल में डेलीपाथर तथा भालसुमर के सोलह आना रैयत की दावेदारी न्यायालय तक पहुंच गई और अब भी यह विचाराधीन है.
विवाद ही वह वजह है कि मंदिर में होने वाली आमदनी और नवमी के दिन होने वाली बलि से होने वाली आमदनी की कमान प्रशासन के हाथों में आ गई. तब से प्रत्येक वर्ष पूजा के समय डेलीपाथर व भालसुमर के सोलह आना रैयत की बैठक अंचलाधिकारी की अध्यक्षता में होती है, जिसमें बलि के लिए बकरे मुंडा की डाक की जाती है. चुंकि यहां स्वयं शिलापट्ट की प्राप्ति हुई इसलिए यह मान्यता है कि यहां जो भी भक्त अपनी मनोकामना लिये आता है माता उसकी हर मनोकामना पूर्ण कर देती हैं. यहां दुर्गापूजा का आयोजन बड़े धूमधाम से किया जाता है और विजया दशमी के दिन मेला भी लगता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >