संताल में फैलता नक्सलवाद. एसपी व एसडीपीओ के साथ दुमका में बैठक कर डीआइजी ने कहा
दुमका : संताल परगना प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक देव बिहारी शर्मा ने कहा है कि इस क्षेत्र में माओवादी बच्चों को स्कूल छोड़वाकर उन्हें किताब-कलम की जगह बंदूक थमा रहे हैं. सुंदरपहाड़ी में जो नक्सली मुठभेड़ हुआ था, उसमें भी चार बच्चों को नक्सलियों ने अपने साथ रखा था. यह बात सामने आयी है कि वे चारों घटना के वक्त भाग निकले थे. पुलिस इसमें और जानकारी जुटा रही है.
श्री शर्मा ने प्रक्षेत्र के एसपी व एसडीपीओ के साथ बैठक के बाद अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुलिस-प्रशासन दूरगामी योजना पर काम कर रही है. विकास करके नक्सलवाद को समाप्त किया जा सकता है. बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, स्कूल जैसे विकास के साथ-साथ सुरक्षा पर काम हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि उग्रवादी मुख्यधारा में आयें और कानून का पालन करें. कानून का उल्लंघन करेंगे और बंदूक से विरोध करेंगे, तो हम उन्हें ध्वस्त कर, नष्ट करेंगे.
आमलोगों से पुलिस का व्यवहार बदला : श्री शर्मा ने कहा कि पुलिसिंग के सभी फ्रंट पर भी सुधार हो रहा है. उसके बात व्यवहार में भी फर्क महसूस किया जा रहा है. इसीलिए सभी थानों में संपर्क पदाधिकारी बनाये जा रहे हैं.
वहां रिसेप्शनिस्ट होंगे. कॉरपोरेट कल्चर को हम अपनाने जा रहे हैं. वहां शिकायत करने पहुंचने वालों के लिए बैठने की व्यवस्था होगी. पानी की व्यवस्था होगी. शिकायत की पावती मिलेगी.
मुख्यधारा में शामिल हो नक्सली
श्री शर्मा ने कहा कि पलामू, चाइबासा, हजारीबाग जैसे इलाके 30 साल से उग्रवाद का दंश झेल रहे थे. 2005-06 की स्थिति और अब की स्थिति बदली है. उन्होंने नक्सली विचार वालों को मुख्यधारा में लौटने तथा जनप्रतिनिधि बनकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की नसीहत दी. कहा कि वे पंचायत चुनाव लड़ें.
